आवेदन करने वाले सभी शिक्षकों की उपलब्धियाें को जांचने के लिए विभागीय अधिकारी मौके पर जाएंगे। इन शिक्षकों की परफार्मेंस के बारे में स्कूली विद्यार्थियों से भी फीडबैक लिया जाएगा। शिक्षा सचिव की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय कमेटी साक्षात्कार के आधार पर अंतिम चयन करेगी। दो प्रिंसिपलों, दो हेडमास्टरों, तीन प्रवक्ताओं, दो डीपीई, दो पीईटी, चार टीजीटी, तीन सीएंडवी और छह जेबीटी का चयन आवेदनों के आधार पर किया जाएगा। पहले चरण में शिक्षकों को उनकी उपलब्धियों के अनुसार अंक दिए जाएंगे। अधिक अंक प्राप्त करने वाले शिक्षकों का दूसरे चरण में चयन होगा। जिला उपनिदेशकों के पास शिक्षकों को आवेदन करने होंंगे। जिला अधिकारी आवेदनों की छंटनी कर राज्य कमेटी को आवेदन भेजेंगे। स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने सभी संबंधितों से अपील की है कि नामांकन समय पर प्रस्तुत करें और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें, ताकि चयन प्रक्रिया को प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सके।
पुरस्कार के नियमों में पिछले साल किया है बदलाव
प्रदेश में बीते साल से राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार देने के नियमों में बदलाव किया गया है। अब विद्यार्थियों की परफार्मेंस से तय होगा कि किस शिक्षक को पुरस्कार मिलेगा। पुरस्कार के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों का मूल्यांकन करने के लिए बच्चों की मॉडल टेस्ट पेपर से परीक्षा ली जाएगी। इनका मूल्यांकन करने के बाद साक्षात्कार भी होगा। शिक्षकों का चयन 100 अंकों के आधार पर होगा। 25 अंक विद्यार्थियों की परफार्मेंस के आधार पर दिए जाएंगे। गैर शिक्षण कार्य करने वाले शिक्षकों को पुरस्कार की दौड़ से बाहर कर दिया गया है।