प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जल्द ही हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी की करीब आठ करोड़ रुपये की संपत्तियों को अपने कब्जे में ले लेगा। ऐसा विशेष एंटी मनी लांड्रिंग कोर्ट की ओर से एजेंसी के आदेशों की पुष्टि करने के कारण होगा। इस साल मार्च में ईडी ने प्रीवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत एलआईसी की कुछ पॉलिसी, बैंक में जमा रकम, एक सावधि जमा और दक्षिणी दिल्ली के जीके-1 की एक बिल्डिंग के दो मंजिलों को जब्त करने का आदेश दिया था।
इस बारे में पीएमएलए के निर्णायक मंडल के सदस्य (कानून) तुषार वी शाह ने 14 सितंबर को जारी आदेश में कहा है कि मूल शिकायत के दस्तावेजों, जवाबों, प्रत्युत्तर और तर्कों पर विचार करने के बाद यह पाया गया है कि वीरभद्र के नाम पर दर्ज संपत्ति डी-1 और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह के नाम पर दर्ज संपत्ति डी-2 मनी लांड्रिंग में शामिल हैं।