प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से संबंधित काले धन को सफेद बनाने (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामले में उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह को समन भेजा है। ईडी की ओर से भेजा गया यह समन मामले में उनकी कथित संलिप्तता को लेकर है।
ईडी से जुड़े सूत्र ने बताया कि प्रतिभा सिंह को अगले सप्ताह जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने को कहा गया है। इससे पहले ईडी ने इसी साल वीरभद्र सिंह की करीब 8 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच कर दिया था।
वहीं, बीते दिन ही दिल्ली उच्च न्यायालय ने वीरभद्र सिंह की याचिका पर ईडी को नोटिस जारी किया था। वीरभद्र सिंह ने अपनी गिरफ्तारी की आशंका को लेकर एक याचिका दायर की थी।
वीरभद्र सिंह ने खुद और अपने परिवार पर लगाए गए आरोपों का खंडन किया है। इस मामले में ईडी पहले ही चंडीगढ़ के एक एलआईसी एजेंट आनंद चौहान को गिरफ्तार कर चुका है।
सीएम की आमदमी से जुड़ा है पूरा मामला
अक्तूबर 2013 में सीबीआई ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के खिलाफ एक इन्कवायरी दर्ज की थी। एक सितंबर 2014 को सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट में सील्ड कवर में स्टेटस रिपोर्ट दायर की। उसके बाद यह इन्कवायरी बीच में ही बंद हो गई।
जून 2015 को सीबीआई ने वीरभद्र सिंह के खिलाफ इसी प्रकरण में फिर प्रारंभिक जांच खोली। 23 सितंबर 2015 को सीबीआई ने वीरभद्र सिंह और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया।
इसमें मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर वर्ष 2009 से 2011 के बीच 6.1 करोड़ रुपये के धन को अर्जित करने संबंधी सही स्रोत नहीं दिखाने के आरोप पर जांच बैठाई।
सीबीआई जांच के आधार पर कार्रवाई कर रही ईडी
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह
- फोटो : फाइल फोटो
सीबीआई जांच को आधार बनाकर ईडी ने नवंबर 2015 में नई दिल्ली में वीरभद्र्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह और उनके परिवार के अन्य लोगों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय में प्रीवेंशन टू मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट में मामला दर्ज किया।
आयकर विभाग भी इस मामले में जांच कर रहा है। इस मामले में सीबीआई सीएम से नई दिल्ली में लंबी पूछताछ कर चुकी है। इसी मामले में 26 सितंबर 2015 को सीबीआई की ओर से वीरभद्र सिंह और अन्य आरोपियों के 11 ठिकानों पर छापे भी मारे जा चुके हैं।
इसी मामले में ईडी सीएम वीरभद्र सिंह के एलआईसी एजेंट आनंद चौहान को गिरफ्तार भी कर चुकी है। अब प्रतिभा सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया है।