वहीं, मंडी जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल नीलकंठ में भी ईडी ने आयुष्मान कार्ड के दुरुपयोग के आरोप पर जांच की। इसी अस्पताल के मालिक के घर पर भी दबिश हुई है। कुल्लू जिला में भी हरिहर नाम के दो निजी अस्पतालों में भी ईडी ने रेड मारी। हरिहर अस्पताल के मालिक के मंडी स्थित घर पर भी ईडी ने आयुष्मान लाभार्थियों व उनसे जुड़े दस्तावेज जांचे।
उधर, ऊना में ईडी ने शहर से सटी रक्कड़ काॅलोनी क्षेत्र स्थित बांके बिहारी हेल्थ केयर अस्पताल में दबिश दी। दो अन्य स्थानों पर भी ईडी ने कार्रवाई की है। बांके बिहारी हेल्थ केयर अस्पताल, उसके संचालक के मैहतपुर-बसदेहड़ा स्थित निवास और अस्पताल की एक पूर्व कर्मचारी के नंगल स्थित निवास पर ईडी ने दबिश दी। गौर हो कि जनवरी 2023 में बांके बिहारी हेल्थ केयर अस्पताल में फर्जी कार्ड बनाने का मामला सामने आया था। इसका आरोप अस्पताल में कार्यरत आरोग्य मित्र किरण सोनी पर लगा, जो नंगल की रहने वाली है। विजिलेंस के ऊना थाना में डॉ. सत्येंद्र सिंह ने इसकी शिकायत की थी। उस समय विजिलेंस ने प्राइवेट अस्पताल और संबंधित विभाग से आयुष्मान कार्डों का रिकॉर्ड जब्त किया, तो जांच में 69 कार्ड फर्जी मिले थे। इनमें से 45 कार्ड किरण सोनी ने बनाए थे।
सूचना मिलने के बाद घर लौट रहा हूं : बाली
नगरोटा बगवां से कांग्रेस विधायक आरएस बाली ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि वह 29 जुलाई को अपने परिवार समेत छुट्टियां बिताने प्रदेश से बाहर आए हैं। मेरे निवास मजदूर कुटिया पर ईडी के कुछ अधिकारियों के आने की सूचना मिली है। मैं अपने परिवार सहित लौट रहा हूं। हम जांच एजेंसी का सहयोग करेंगे।
यह पड़ताल कर रहा प्रवर्तन निदेशालय
प्रवर्तन निदेशालय यह जांच कर रहा है कि कौन-कौन से मरीज इन अस्पतालों में दाखिल रहे। इलाज के दौरान कौन सी दवाइयां दी गईं, ऑपरेशन या ट्रांसप्लांट के दौरान किन महंगे मेडिकल उपकरणों का उपयोग हुआ और उन पर कितनी राशि खर्च हुई। बताया जा रहा है कि ईडी को ऐसी शिकायतें मिली हैं, जिसमें फर्जी कार्ड बनाकर कई मेडिकल बिल बनाए गए हैं, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ है।