इस संबंध में शिक्षा मंत्रालय के अवर सचिव शाह फैज अहमद ने राज्य सरकार को एक पत्र भेजा है। केंद्र सरकार ने राज्य में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) योजना के कार्यान्वयन के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार को 1 करोड़ 9 लाख 77 हजार रुपये जारी किए हैं। इसमें प्राइमरी एंड अप्पर प्राइमरी के लिए खाद्यान्न को 80.91 लाख, सामग्री लागत के रूप में 11.61 करोड़ रुपये, कुक-एंड-हेल्पर को 4.80 करोड़, यातायात सहायता के रूप में 61.38 लाख और प्रबंधन निगरानी एवं मूल्यांकन के लिए 57.82 लाख की धनराशि रिलीज की गई है। यानी इस मद में 18.42 करोड़ रुपये केंद्रीय हिस्सेदारी इसके लिए निर्धारित की गई है, जबकि राज्य का आवश्यक शेयर 1.82 करोड़ रुपये होगा।
इसी तरह बाल वाटिका यानी नर्सरी और केजी स्कूलों के लिए 1.49 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है। इसमें राज्य की हिस्सेदारी 14.68 लाख रुपये होगी। इस धनराशि का उपयोग प्राथमिक स्तर के बच्चों को गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने के लिए किया जाएगा। राज्य सरकार को योजना के समय पर कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए धनराशि का एक समान हिस्सा जारी करना आवश्यक है। शिक्षा विभाग स्कूलों को धनराशि वितरित करने और कार्यक्रम की निगरानी के लिए जिम्मेदार होगा। बच्चों को गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने के लिए धनराशि का उपयोग किया जाएगा। कार्यान्वयन और निगरानी के लिए शिक्षा विभाग जिम्मेदार है।
ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 2.94 करोड़ जारी
हिमाचल प्रदेश को ग्रामीण आजीविका मिशन के लिए 2.94 करोड़ रुपये जारी किए किए हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत केंद्र सरकार की 2.94 करोड़ रुपये इस धनराशि का उपयोग किया जाएगा। इसे विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए किया जाएगा।