हिमाचल प्रदेश में बागवानी, परिवहन, पर्यटन, होटल कारोबार आदि क्षेत्रों में विकास दर में खूब बढ़ोतरी हुई। इसी से विकास दर में करीब 14 फीसदी का अप्रत्याशित उछाल आया। यह खुलासा आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट से हुआ है। इस रिपोर्ट के अनुसार कोविड की वजह से लगे लॉकडाउन खुलने से वित्तीय वर्ष 2021-22 में केंद्रीय कर सहित टैक्स से आय 14,806 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। यह वित्त वर्ष 2020-21 में 12,312 करोड़ रुपये था। गैर कर राजस्व 2,754 करोड़ रुपये होने का अनुमान है जो 2020-21 में 2,268 करोड़ रुपये था। इसमें 21.43 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। ऋणों की वसूलियों से महज 41 करोड़ रु पये मिलेंगे। गैर कर राजस्व सकल घरेलू उत्पाद का 1.57 फीसदी होने की संभावना है।
वर्ष 2020-21 में जहां बागवानी फसलों के उत्पादन के प्रभावित होने से 12.9 प्रतिशत की वृद्धि दर देखी गई, वहीं फसल क्षेत्र में 2021-22 में 12.9 फीसदी की बढ़ोतरी रही।
बागवानी उत्पादों में वृद्धि का भी विकास दर के बढ़ने पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। कोविड 19 के लॉकडाउन का इस क्षेत्र पर प्रभाव इसलिए कम रहा कि फलों, सब्जियों, दूध आदि की आवाजाही की अनुमति दे दी गई थी। लॉकडाउन के कारण जहां 2020-21 में उद्योगों समेत अन्य विनिर्माण क्षेत्र में वृद्धि दर में गिरावट देखी गई, वहीं अर्थव्यवस्था के खुलने के बाद इस बारे में रिकवरी देखी गई। परिवहन से संबंधित आकस्मिक सेवाओं से इस क्षेत्र में 16.2 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। वर्ष 2020-21 में होटल और रेस्तराओं की विकास दर -78.7 प्रतिशत थी, जो 2021-22 में बढ़कर 56.5 प्रतिशत हो गई। पर्यटकों का आगमन जहां -81.33 प्रतिशत का संकुचन बता रहा था, वहीं यह 2021 में 75.43 प्रतिशत हो गया। वर्ष 2021-22 में कुल राजस्व प्राप्तियां 37,028 करोड़ रुपये रहीं। हिमाचल प्रदेश में कोविड काल में सामाजिक क्षेत्र में व्यय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई।
इस तरह से हुईं सरकार की प्राप्तियां
राजस्व प्राप्तियां 21.14
कर राजस्व 8.45
गैर कर राजस्व 1.57
कुल व्यय 28.65
राजस्व व्यय 21.97
पूंजीगत व्यय 3.43