हिमाचल के बिलासपुर में दशहरे के मौके पर हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोगों में सौहार्द का अनूठा संयोग देखने को मिलता है जो लोगों को आपसी भाईचारे और प्रेम का संदेश देता है। यहां दोनों समुदाय के लोग मिलकर रामलीला का मंचन करते हैं तो दशहरा पर्व पर
मुस्लिम समुदाय के लोग ही सदियों से भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को लंका दहन के लिए सजाने का काम खुशी से करते हैं। डियारा सेक्टर में दशकों से चली आ रही रामलीला में भी मुस्लिम समुदाय के युवा कई महत्वपूर्ण रोल अदा करते हैं।
इससे दोनों धर्मों के बीच आपसी भाईचारा अटूट बंधन में बंधा रहता है। राम नाटक समिति के प्रधान अविनाश कपूर ने बताया कि लंका दहन के दौरान जब श्रीराम और लक्ष्मण को तैयार किया जाता है तो पूरा मेकअप मुस्लिम समुदाय के लोग ही करते हैं। पिछले 20 सालों से राम और लक्ष्मण का मेकअप कर रहे सिन मोहम्मद का कहना कि वह अपने साथियों के साथ राम और लक्ष्मण का सजाते हैं।
वह कहते है कि वह श्रद्धा भाव से यह काम करते हैं। इससे दोनों धर्मों के लोगों में एकता बनी रहती है। वहीं मोहम्मद मनीष कहते हैं कि वह यह कार्य श्रद्धा से करते है और निशुल्क करते हैं। इस काम को करने में उन्हें मजा आता हैं। डियारा में चल रही रामलीला में मुस्लिम समुदाय के युवा कई रोल अदा करते हैं।
इसमें इमरान राजाओं का रोल अदा कर रहे हैं। जबकि शदव शेख सुमंत और कुबेर का रोल अदा कर रहे हैं। इससे पूर्व में यूनस मोहम्मद, अहमद हुसैन, मैहबुआ खान, साजिद खा, शकील मोहम्मद और उस्मान भी श्रीरामलीला के मंचन में अहम भूमिका निभाते हैं।