हिमाचल में तैयार पांच बीमारियों की दवाओं के सैंपल फेल हो गए हैं। राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मरवाह ने बताया कि सैंपल फेल होने वाले उद्योगों को नोटिस जारी कर दवाओं के बैच बाजार से हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश में बनी पांच दवाओं सहित देश भर की कुल 22 दवाओं के सैंपल फेल हो गए हैं। इसके अलावा एक और दवा का सर्वे सैंपल भी मानकों पर खरा नहीं उतरा है।
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ये दवाएं उच्च रक्तचाप, दर्द, सूजन और हृदय रोग से संबंधित हैं। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रक संगठन के अप्रैल के ड्रग अलर्ट में इनके सैंपल फेल पाए गए हैं। संगठन ने अप्रैल में 931 दवाओं को सैंपल लिए थे। इनमें 908 मानकों पर खरे उतरे, जबकि 22 दवाओं और एक दवा का सर्वे सैंपल फेल हुआ है।
एशिया के फार्मा हब सोलन के बद्दी के धर्मपुर स्थित लाइफ केयर नैरो प्रोडक्ट कंपनी की उच्च रक्तचाप की दवा टाडाफिल, सिरमौर जिले के क्यारदा गांव के सिरमौर रेमेडी कंपनी की दर्द की दवा बैक्लोफिन, सोलन जिले के परवाणू की मोरपिन लैबोरेट्रीज की हृदयरोग की दवा अटोरवा स्टेटिन, बद्दी के श्री साई बालाजी फारामेटिक कंपनी की दर्द व सूजन की अस्किलो पेरा सेकसीपेपटीडेज दवा और कांगड़ा के संसारपुर टैरेस औद्योगिक क्षेत्र की रक्तचाप की दवा टेलमीसारटन के सैंपल फेल हुए हैं। राज्य दवा नियंत्रक नवनीत मरवाह ने बताया कि सैंपल फेल होने वाले उद्योगों को नोटिस जारी कर बाजार से स्टॉक हटाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।