अब जर्मनी की एजेंसी से ली जाएगी तकनीकी मदद
शिमला दौरे पर आए हैं जीआईजेड के प्रतिनिधि अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में ड्रेनेज सिस्टम मजबूत करने के लिए तैयार किए 76 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर अब नगर निगम जर्मनी की एजेंसी की मदद लेगा।
जर्मनी एजेंसी फोर इंटरनेशनल कार्पोरेशन यानि जीआईजेड के अर्बन एक्ट के तहत निगम इस प्रोजेक्ट पर तकनीकी मदद लेने जा रहा है। इस एजेंसी के प्रतिनिधि तीन दिन से शिमला दौरे पर हैं। यह शिमला शहर में नाले-नालियों की निकासी व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे हैं। राजधानी में बीते साल भारी बारिश से आपदा आई थी। इससे शहर में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। नुकसान का एक बड़ा कारण शिमला शहर की खस्ताहाल निकासी व्यवस्था भी थी। नाले और नालियां बंद होने से जगह-जगह शहर में भूस्खलन हुए थे।
इससे सबक लेते हुए नगर निगम प्रशासन ने 76 करोड़ रुपये का बड़ा प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसके तहत शहर में नाले और नालियों की निकासी व्यवस्था को सुधारा जाएगा। प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार से बजट मांगा है। शिमला दौरे पर आए जर्मन एजेंसी के प्रतिनिधियों ने बुधवार को शहर के सभी सरकारी महकमों के अधिकारियों के साथ बैठक की। नगर निगम की ओर से इस बैठक में महापौर सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल और संयुक्त आयुक्त भुवन शर्मा ने हिस्सा लिया।
एजेंसी देगी तकनीकी रिपोर्ट
बैठक में महापौर ने शहर के लिए तैयार 76 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर प्रस्तुति दी। कहा कि हर नाले को पक्का करने के अलावा नालियों की व्यवस्था सुधारी जाएगी। भवनों की छतों और सड़कों से निकलने वाला पानी नुकसान न पहुंचाए, इसकी व्यवस्था की जाएगी। जर्मन एजेंसी के प्रतिनिधियों ने कहा कि वह इसमें तकनीकी मदद को तैयार हैं। पहाड़ी क्षेत्र में निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नई व्यवस्था तैयार हो सकती है। यह कैसी होगी, इसके लिए एजेंसी दोबारा शहर का निरीक्षण करेगी। इसके बाद तकनीकी सुझाव नगर निगम को दिए जाएंगे। निगम अपने प्रोजेक्ट में इसे शामिल करेगा।