पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के उपाध्यक्ष डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री को हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय की कमान मिल गई है। सीयू के वाइस चांसलर के रूप में उनकी नियुक्ति पर अंतिम मुहर लग गई है।
डा. अग्निहोत्री क्षेत्रीय अध्ययन केंद्र धर्मशाला में बतौर निदेशक सेवाएं दे चुके हैं। स्वामी दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में विजिटिंग प्रोफेसर, प्रदेश विधानसभा की पुस्तकालय समिति के विषय विशेषज्ञ रहे हैं।
विभिन्न विषयों पर विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में डा. अग्निहोत्री के लेख प्रकाशित होते रहे हैं। लगभग 25 देशों की यात्रा की है। उन्होंने भारत तिब्बत सहयोग मंच के राष्ट्रीय संयोजक के नाते तिब्बत समस्या पर गंभीर अध्ययन किया है।
जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर भी इनके कई शोध छपे हैं। हाल ही में जम्मू-कश्मीर की अनकही कहानी नामक पुस्तक बाजार में आई है। अब तक 15 पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं।
वह पंजाब में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सचिव और भारतीय जनसंघ के विभाग संगठन मंत्री भी रहे हैं। नवांशहर (पंजाब) के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा सिख नेशनल कॉलेज बंगा से पूरी की।
हिंदी और राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर अग्निहोत्री ने पीएचडी के बाद वकालत भी की। तमिल, संस्कृत में डिप्लोमा के साथ आदि ग्रंथ आचार्य की उपाधि पंजाब विवि से प्राप्त की। डा. अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल मेरा घर है और मैं घर वापसी कर रहा हूं।