प्राइमरी स्कूलों में बच्चों को फिजिकल एजूकेशन देने वाले शिक्षकों के लिए भी डीपीएड करना अनिवार्य होगा। भविष्य में डीपीएड एक नहीं दो साल की होगी। यदि कोई अभ्यर्थी दो साल में डीपीएड नहीं कर पाता है तो वह इसे तीन साल में कर सकता है।
पहली से आठवीं तक के स्कूलों में तैनात डीपीई को डीपीएड होना अनिवार्य होगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत नेशनल काउंसिल फार टीचर एजूकेशन ने सभी राज्यों को निर्देश जारी किए हैं।
एनसीटीई के नए दिशा-निर्देश जुलाई से शुरू होने वाले बैच से लागू होंगे। जिन अभ्यर्थियों के जमा दो में 50 प्रतिशत अंक हैं, वे इसके लिए योग्य होंगे।
राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लेने वालों को विशेष छूट
जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेलों में हिस्सा लिया हो, उन्हें प्रवेश में 5 प्रतिशत अंकों की छूट मिलेगी। पात्र कॉलेज 50 से अधिक अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं देंगे। इस बारे में शिक्षा विभाग को निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
डिप्लोमा के दौरान स्कूल इंटर्नशिप अनिवार्य
दो साल के डीपीएड डिप्लोमा के दौरान स्कूल इंटर्नशिप भी करनी होगी। इस दौरान भावी डीपीई को छोटे बच्चों को पढ़ाने की कला सिखाई जाएगी।
पहले वर्ष में क्लासरूम ऑब्जर्वेशन के 20 पाठ पढ़ाए जाएंगे। दूसरे वर्ष में 10 पाठ पढ़ाएं जाएंगे। इसके इन्फार्मेशन एंड कम्यूनिकेशन टेक्नालॉजी, जेंडर, योग एजूकेशन, डिसेबिलिटी इन्क्लूसिव इलेक्शन पर भी पढ़ाया जाएगा।
इन खेलों में होगी महारत
प्रैक्टिकल कोर्स में अभ्यर्थियों को विभिन्न खेलों के बारे में पढ़ाया जाएगा। इनखेलों में तैराकी, जिमनास्टिक, योग, एरोबिक्स, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, स्कवैश, बेसबाल, बास्केटबाल, बॉक्सिंग, फेंसिंग, जूडो-कराटे, मार्शल आर्ट, ताइक्वांडो, रेसलिंग, रिले गेम्स, ग्रुप गेम्स, माइनर गेम्स, कबड्डी, खो-खो, फ्लैग होस्टिंग, मार्चपास्ट, सेरेमनी ओपनिंग एंड क्लोजिंग, विक्ट्री कैंपिंग, पिकनिक हाइकिंग, ट्रैकिंग, डम बैल सहित कई मास डेमोनस्ट्रेशन एक्टिविटीज वाले विभिन्न खेल शामिल हैं।