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संजौली-ढली को जोड़ेगी डबल लेन टनल, खत्म हो जाएगा जाम

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नई डबल लेन टनल होगी 147.612 मीटर लंबी, ऑस्ट्रियन तकनीक से होगा निर्माण
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दीवारों के अंदर बनाया जाएगा ड्रेनेज सिस्टम
अंडरग्राउंड बिछेंगी पेयजल लाइन और केबल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के संजौली बाजार से ढली बाजार आने जाने के लिए अब लोगों को टनल में वन वे यातायात के चलते जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। यहां जल्द ही नई डबललेन टनल का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत वर्तमान टनल के समानांतर करीब 147 मीटर लंबी टनल बनेगी। नई टनल बनने से लोगों के पांच से सात मिनट बच जाएंगे। अभी वर्तमान टनल में वनवे आवाजाही होने से लोगों को जाम में फंसना पड़ता है। टूरिस्ट और सेब सीजन में वाहनों की आवाजाही बढ़ने से टनल के बाहर वाहनों की कतारें लग जाती हैं। जाम से बचने के लिए लोगों को चलौंठी बाइपास से जाना पड़ता है, लेकिन इससे सफर तीन किमी तक बढ़ जाता है। अब जल्द ही इससे राहत मिल जाएगी। 55 करोड़ रुपये से बनने वाली इस टनल के टेंडर की मंगलवार को प्री बिड बैठक हो चुकी है। 19 जुलाई तक इसका काम अवार्ड करने की तैयारी है। नई टनल बनने से अपर शिमला के अलावा चायल, मशोबरा, बसंतपुर, सुन्नी से आने वाले वाहन बिना किसी जाम के संजौली बाजार पहुंच सकेंगे। टनल से ढली चौक तक सड़क को भी चौड़ा किया जा रहा है। इसके अलावा टनल से संजौली की ओर भी सड़क चौड़ा करने की योजना तैयार की जा रही है। स्मार्ट सिटी महाप्रबंधक नितिन गर्ग ने बताया कि एचपीआरआईडीसी को इस प्रोजेक्ट के निर्माण का जिम्मा दिया है।
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यह है नई टनल की खासियत
नई टनल में दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही होगी
टनल के भीतर पानी नहीं टपकेगा, इसके लिए ड्रेनेज सिस्टम तैयार होगा
पेयजल लाइनें या केबल बिछाने के लिए टनल के भीतर अंडरग्राउंड नाली (डक्ट) तैयार की जाएगी
टनल के भीतर लाइटिंग, ट्रैफिक सिग्नल की पुख्ता व्यवस्था रहेगी
पैदल चलने वालों के लिए दोनों ओर से फुटपाथ की सुविधा मिलेगी
टनल के लिए सिर्फ सरकारी जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा, कुछेक सरकारी भवन हटेंगे
टनल निर्माण में होने वाली कंपन के लिए सेंसर लगेंगे। नियंत्रित कंपन के साथ काम होगा
इस तकनीक से होगा निर्माण
टनल निर्माण ऑस्ट्रियन तकनीक से किया जाएगा। आसपास के भवनों को नुकसान न हो, इसके लिए हाईटेक व्यवस्था रहेगी। काम ड्रिलिंग से शुरू होगा जिसके बाद मलबा हटाया जाएगा। इसमें जितनी जगह खाली होगी, उसे साथ में मजबूती दी जाएगी। अंदर हल्की ब्लॉस्टिंग होगी। 12 मीटर के दायरे में यह काम होगा। भवनों की दूरी इस दायरे से 35 से 50 मीटर तक है।
कभी भी बंद हो सकती है वर्तमान टनल
वर्तमान सिंगल लेन टनल वर्ष 1852 में तैयार की थी। इंजीनियरों के मुताबिक आमतौर पर इस तरह का कोई भी निर्माण सौ साल तक टिकाऊ रहता है। इसके बाद वह जर्जर होने लगता है। ढली ढनल बने करीब 170 साल पूरे होने वाले हैं। इसकी दीवारों से पानी के साथ अब मिट्टी भी बाहर आ रही है। टनल की दीवारों में इसे साफ देखा जा सकता है। दीवारें पहले से कमजोर पड़ चुकी हैं। नई टनल बनने के बाद इसे बंद किया जा सकता है। हालांकि तब तक इसे चालू रखा जाएगा।
नुकसान की भरपाई करेगा ठेकेदार
नई टनल के निर्माण के दौरान तीन बार यहां बने सभी भवनों की वीडियोग्राफी होगी। निर्माण से पहले हर भवन के एक-एक कोने की वीडियोग्राफी की जाएगी। निर्माण के दौरान ब्लॉस्टिंग और ड्रिलिंग से होने वाले असर को देखने के लिए भी वीडियो बनाई जाएगी। टनल बनाने के बाद देखा जाएगा कि कहीं किसी भवन में नुकसान या दरारें तो नहीं पड़ी हैं। निर्माण के बाद अगले एक साल तक होने वाले किसी तरह के नुकसान की भरपाई ठेकेदार करेगा।
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समिट्री रोड के लिए भी
बने साइट प्लान : पार्षद
डबललेन टनल निर्माण को लेकर इस क्षेत्र से मनोनीत पार्षद राजेंद्र चौहान ने विभाग से समिट्री क्षेत्र की सड़क का साइट प्लान बनाने को कहा है। पार्षद का कहना है कि जब डबललेन टनल तैयार हो जाएगी तो गाड़ियां बेरोकटोक आवाजाही करेंगी। इससे समिट्री क्षेत्र की ओर आवाजाही जोखिम पूर्ण हो जाएगी। विभाग को प्लान तैयार करना होगा कि टनल के पास से समिट्री क्षेत्र के लिए कैसे आवाजाही होगी। कहा कि इलाके के लोग टनल के प्रोजेक्ट से खुश हैं। जल्द इसका निर्माण होना चाहिए।
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