विधानसभा के शीत सत्र के दौरान 13 दिसंबर को दिव्यांग धर्मशाला में तपोवन परिसर का घेराव करेंगे। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद मांगें पूरी नहीं होने पर यह एलान किया गया है। दिव्यांगों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने को एक संयुक्त मोर्चा गठित किया है। प्रदेश दृष्टिहीन संघ के अध्यक्ष शोभूराम ने बताया कि सरकार की अनदेखी से नाराज होकर विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांग जनों ने विधानसभा घेराव का फैसला लिया है।
उन्होंने बताया कि यह पहली बार होगा कि विभिन्न श्रेणी के दिव्यांग एकजुट होकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेंगे। शोभूराम ने बताया कि 27 सितंबर को शिमला स्थित सचिवालय के बाहर प्रदर्शन करने पर मुख्यमंत्री ने संघ के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया था। बैठक में 15 दिन के भीतर विभागीय अधिकारियों के साथ संघ की बैठक होने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अभी तक इस आश्वासन पर अमल नहीं हुआ है।
विभिन्न अधिकारियों को पांच बार वार्ता के लिए गुहार लगाई गई, लेकिन सकारात्मक जवाब नहीं मिला। अगर मुख्यमंत्री दिव्यांगजनों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील हैं तो 13 दिसंबर से पहले बैठक बुलाई जानी चाहिए। ऐसा नहीं होने पर दिव्यांगजन विधानसभा घेराव के लिए मजबूर होंगे। बताया कि विधानसभा घेराव से संबंधित पत्र मुख्यमंत्री को भेज दिया गया है। उन्हाेंने बताया कि इंडियन ज्वाइंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ ब्लाइंड के बैनर तले विधानसभा घेराव किया जाएगा।