सरकार ने आयुर्वेद विभाग और अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ जिला शिमला के महासचिव गोविंद बरागटा को सरकारी सेवाओं से निलंबित किया है। प्रदेश कर्मचारी महासंघ (तदर्थ कमेटी) के संयोजक विनोद कुमार ने कहा है कुछ अधिकारी सरकार को बदनाम करने और सरकार और कर्मचारियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी नेता गोविंद बरागटा आयुर्वेद विभाग में वरिष्ठ सहायक पद पर तैनात हैं। वह 12 नवंबर को एक दिन के अवकाश पर गए और 13 नवंबर को उन्होंने चिकित्सा अवकाश मांगा। इसके विपरीत आयुर्वेद निदेशक संजीव भटनागर ने 22 नवंबर को ‘स्वेच्छा अवकाश अनुपस्थिति’ का हवाला देकर निलंबित कर दिया। महासंघ ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।