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पढ़िए, CM को लेकर सदन में क्यों बरपा हंगामा?

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हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही भाजपा ने मनी लांड्रिंग मामले पर चर्चा को लेकर ठप कर दी। भाजपा विधायकों ने सदन के भीतर नारेबाजी की। नतीजतन स्पीकर बृज बिहारी लाल बुटेल ने वीरवार की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।
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वीरवार सुबह 11 बजे स्पीकर ने जैसे ही प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू की, उसी समय भाजपा के महेंद्र सिंह ने खड़े होकर स्पीकर से पूछा कि उन्होंने नियम 67 के तहत वीरवार का प्रश्नकाल और अन्य कार्यवाही स्थगित कर मनी लांड्रिंग मामले पर चर्चा कराने के लिए नोटिस दिया था।

उसके बारे में जानना चाहते हैं। मनी लांड्रिंग का बड़ा आरोप मुख्यमंत्री पर लगा है। मुख्यमंत्री उस वक्त तक इस सीट पर बैठने का अधिकार नहीं रखते, जब तक फैसला नहीं आ जाता।
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विपक्ष ने सरकार को घेरा

विपक्षी नेताओं ने कहा कि प्रश्नकाल स्थगित कर इस विषय पर चर्चा कराई जाए, ताकि प्रदेश की जनता को पता चल सके। जब वे केंद्र में मंत्री थे तब मनी लांड्रिंग का इन पर केस बना था। तब उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

इसके बाद उन्होंने विधानसभा का चुनाव लड़ा था। अब तो मीडिया में भी स्पष्ट हो गया है कि वीरभद्र सिंह इस मनी लांड्रिंग केस में शामिल हैं। तभी डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा हो। इसके साथ ही भाजपा के सारे विधायक खड़े हो गए। स्पीकर ने उन्हें बैठने के लिए कहा, मगर वे खड़े रहे।

तब स्पीकर ने कहा कि नियम 67 के तहत प्रस्ताव मिला है, मगर उसे रद्द कर दिया है। क्योंकि जो मामला अदालत में विचाराधीन हो, उस पर सदन में चर्चा नहीं कराई जा सकती। इस पर भाजपा के विक्रम सिंह और रणधीर शर्मा ने अमर उजाला की खबर की फोटो प्रतियां लहराईं। स्पीकर ने उनकी बात रिकार्ड करने से मना कर दिया। भाजपा विधायकों ने लगातार नारेबाजी की।

सीएम ने दी सफाई

जब भाजपा विधायक खड़े होकर नारे लगा रहे थे, उसी समय मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने वक्तव्य पढ़ना शुरू कर दिया। सीएम ने कहा, ‘मैंने मीडिया से सूचना एकत्र की है कि मेरे भाजपा के मित्र दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे मामले में गलत जानकारी फैला रहे हैं।

मामला पहले ही अदालत में विचाराधीन है। हाईकोर्ट की कार्यवाही पर मेरे और किसी अन्य की तरफ से टिप्पणी करना सही नहीं होगा। भाजपा अनावश्यक रूप से बाधा पैदा कर रही है।

मैं अपने भाजपा के मित्रों को सलाह दूंगा कि कानून को अपना काम करने दो। मुझे न्यायालय में पूरा विश्वास है।
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सदन की कार्यवाही चलने दें: सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं अन्य झूठे मामलों की तरह इस मामले में भी अदालत से साफ निकलूंगा। मैं विपक्ष से आग्रह करता हूं कि वे जनहित में सदन की कार्यवाही चलने दें।’

मुख्यमंत्री के वक्तव्य के दौरान भी भाजपा विधायक नारेबाजी करते रहे। तभी स्पीकर ने सदन की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी। कांग्रेस के विधायक और मंत्री तो उसी समय सदन से बाहर निकल गए, मगर भाजपा विधायक सदन के भीतर कुछ समय तक खड़े रहे और नारेबाजी करते रहे।
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