विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष के कड़े तेवरों के बीच सीएम वीरभद्र सिंह को अपनी सफाई देनी पड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि होटल होली डे होम में चली गोली के मामले की निष्पक्ष जांच होगी। सरकार सभी तथ्यों को सामने लगाएगी। पीएसओ और चालक के बयान लिए गए हैं। दोनों को सस्पेंड भी कर दिया है। पुलिस जांच कर रही है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
वीरभद्र ने कहा कि मामले में बाल की खाल उतारी जा रही है। शिमला के विधायक सुरेश भारद्वाज ने गोली चलाने पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाया था। उन्होंने कहा कि हिमाचल में देश विदेश के पर्यटक घूमने आते हैं। अगर यहां इस तरह की वारदातें होती रहीं तो कोई पर्यटक नहीं आएगा।
मंत्री के पीएसओ पहले कारोबारी के बेटे की डंडे मारकर पिटाई करता है और उसके बाद टांग पर गोली चला देता है। इससे प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा होता है। उन्होंने कहा कि मंत्री होटल में नहीं थे, फिर पीएसओ और चालक गाड़ी लेकर मौके पर क्या करने गए थे।
विपक्ष ने किया वॉकआउट
वहीं, मंत्री के जवाब में सीपीएस के दखल से नाराज विपक्ष ने सोमवार को सदन के भीतर जोरदार हंगामा कर वॉकआउट कर दिया। शाहपुर से भाजपा विधायक सरवीण चौधरी ने विधायक प्राथमिकता स्कीम बहाव सिंचाई योजना, राज कूहल व बड़ी कूहल की स्वीकृति और टेंडर पर सवाल पूछा था। इस पर आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स ने जवाब दिया लेकिन विपक्ष संतुष्ट नहीं हुआ।
इसी बीच सीपीएस नीरज भारती स्टोक्स की सपोर्ट में खड़े हो गए। भाजपा विधायक उन्हें हस्तक्षेप न करने की बात कहने लगे। करीब 15 मिनट तक चले इस हंगामे में सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। सरवीण ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में जो भी योजनाएं स्वीकृत हैं, वह भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान की हैं।