प्रदेश में भारी बरसात के बाद कटु अनुभवों के बाद आपका प्रबंधन के लिए सरकार आखिकार जाग गई है। आपदा प्रबंधन के लिए पंचायत स्तर पर यूथ टास्क फोर्स बनाई जाएगी ताकि ग्रामीण स्तर पर स्थानीय यूथ शक्ति को साथ लेकर राहत कार्य शुरू किए जा सकें। सरकार राज्य की प्रत्येक पंचायत में युवा टास्क फोर्स बनाएगी ताकि प्रदेश में आपदा के समय राहत कार्यों को चलाने में कोई परेशानी न हो।
राज्य सरकार मान रही है कि आपदा के समय जितनी तत्परता से स्थानीय युवा राहत कार्यों हाथ बंटा सकते हैं उतना कोई और फोर्स नहीं। इसके पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि स्थानीय युवा अपने आसपास के क्षेत्रों से भली भांति परिचित रहते हैं और आपदा के समय इनकी सेवाएं आसानी से ली जा सकती हैं। इसी सोच के कारण प्रदेश सरकार प्रत्येक पंचायत स्तर पर युवा टास्क फोर्स का गठन करने का फैसला किया है।
इस माह के अंत में मुख्यमंत्री टास्क फोर्स गठित करने की योजना शुरू करेंगे। इस योजना के तहत स्थानीय युवाओं की टास्क फोर्स को आपदा प्रबंधन के तहत प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी सरकार करेगी। युवाओं को प्रशिक्षण करके बताया जाएगा कि कैसे राहत कार्य किए जाएंगे और कैसे लोगों की मदद तत्काल की जा सकेगी। इसके साथ ही आपदा के समय यह युवा टास्क फोर्स इलाके में आपदा प्रबंधन टीमों के साथ मिलकर भी राहत कार्यों में मदद करेगी।
सरकार की योजना है कि आपदा प्रबंधन के समय सरकार युवा टास्क फोर्स की मदद ली जाएगी। आपदा के समय युवा टास्क फोर्स अपनी सेवाएं देगी तो इसकी एवज में वित्तीय लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा पंचायतों को कोई अन्य वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी। राज्य के राजस्व विभाग और डीएमसी के विशेष सचिव डीसी राणा कहते हैं कि पंचायत स्तर पर युवा टास्क फोर्स गठित की जा रही है। इसकी मदद आपदा प्रबंधन के दौरान ली जाएगी।