उच्च शिक्षा निदेशालय की कार्यप्रणाली भी अजब-गजब है। प्रदेश में मानसून सीजन शुरू होने के साथ ही अधिकारियों ने स्कूली बच्चों को लू (ग्रीष्म लहरों) से बचाने का एक्शन प्लान तैयार करने का फरमान जारी कर दिया है। उच्च शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों को केंद्र सरकार की गाइडलाइन की तीन महीने बाद याद आई है।
इसी कड़ी में मंगलवार को निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने शिक्षण संस्थानों के प्रिंसिपलों को पत्र जारी कर लू के बचने के उपाय बताने के लिए दस दिन में एक्शन प्लान मांगा है। इतना ही नहीं, स्कूल-कॉलेज के प्रिंसिपलों को लू से बचने के लिए कुछ उपाय सुझाते हुए उनका पालन करने के निर्देश भी दे दिए हैं।
केंद्र सरकार ने नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथारिटी के माध्यम से 12 मार्च को देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र जारी कर मार्च, अप्रैल और मई माह में स्कूली बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए एडवाइजरी जारी की थी। गर्मियों के मौसम में पारा चढ़ने पर राज्यों को एहतियात बरतने की सलाह देते हुए केंद्र ने कुछ उपाय भी बताए थे। उच्च शिक्षा निदेशालय के पास केंद्र सरकार की इस एडवाइजरी का पत्र 13 जून को प्राप्त हुआ।
स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने का काम करने वाले निदेशालय के अधिकारियों ने भी मौसम के मिजाज को जाने बिना ही औपचारिकता निभाते हुए जिला उपनिदेशकों सहित स्कूल-कॉलेजों के प्रिंसिपलों को एडवाइजरी सरका दी है। अधिकारियों ने यह समझने की भी जहमत नहीं उठाई है कि प्रदेश में अब बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। वीरवार से प्रदेश के ग्रीष्मकालीन स्कूलों में बरसात की छुट्टियां होने जा रही है