गगरेट क्षेत्र के एक सरिया उद्योग पर माल एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (डीजीजीआई) का शिकंजा कसता जा रहा है। डीजीजीआई की टीम ने सरिया उद्योग पर दबिश देने के बाद अब उक्त उद्योग से जुड़े वितरकों के प्रतिष्ठानों और घरों में दबिश दी है। रविवार को दिल्ली से आई टीम ने एक साथ गगरेट व मुबारिकपुर में दबिश दी और रिकॉर्ड को खंगाला।
जानकारी के अनुसार दिल्ली में कागजी फर्मों के माध्यम से हुई स्क्रैप की बिक्री का भंडाफोड़ होने के बाद डीजीजीआई ने उन सभी ठिकानों पर दबिश दी, जहां स्क्रैप भेजा गया। इसी कड़ी में गगरेट स्थित सरिया उद्योग भी डीजीजीआई के निशाने पर आया। बीते दिनों डीजीजीआई उद्योग व इससे जुड़े उच्च अधिकारियों के आवासों पर दबिश देकर जरूरी रिकॉर्ड अपने साथ ले गई थी। टीम ने गवालथाई स्थित उद्योग व इसके मालिकों के जालंधर स्थित आवास पर भी दबिश दी थी।
क्षेत्र में रविवार सुबह आई डीजीजीआई अधिकारियों की टीम देर शाम तक वितरकों के रिकॉर्ड की जांच करने में जुटी रही। अलग-अलग टीमों ने एक साथ सभी वितरकों के प्रतिष्ठानों व उनके घरों पर दबिश दी। हालांकि डीजीजीआई का कोई भी अधिकारी इस बारे में कुछ बताने को तैयार नहीं। यहां तक कि वितरकों के मोबाइल फोन भी बंद मिले। डीजीजीआई को शक है कि इस प्रकरण में बड़े स्तर पर वस्तु एवं सेवा कर की चोरी हुई है।
बीती 23 जनवरी को भी सरिया उद्योग और उसके बड़े अधिकारियों के निवास स्थान पर टीम ने रिकॉर्ड खंगाला था। उल्लेखनीय है कि हिमाचल के साथ पंजाब और जम्मू-कश्मीर में भी इस उद्योग ने अपनी साख बनाई है। उद्योग में स्क्रैप से सरिया बनाया जाता है।