बाहरी राज्यों से शिमला घूमने आने वाले सैलानियों की गाड़ियां अब शहर में प्रवेश नहीं करेंगी। सैलानियों की गाड़ियों के लिए तारादेवी में मल्टी स्टोरी पार्किंग और मॉल बनाया जाएगा। तारादेवी पार्किंग में गाड़ियां खड़ी करने के बाद सैलानी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के जरिये शहर तक पहुंचेंगे।
यहां घूमने के बाद सैलानी पार्किंग से गाड़ी लेकर वापस घर लौट सकेंगे। सिटी मोबिलिटी प्लान में राजधानी शिमला में जाम की समस्या हल करने के लिए पुलिस ने शहरी विकास विभाग को इसे लेकर विस्तृत प्रस्ताव सौंपा है। सिटी मोबिलिटी प्लान पर आज दिल्ली में वर्ल्ड बैंक के साथ होने वाली बैठक में चर्चा होगी। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो वर्ल्ड बैंक की मदद से यह व्यवस्था लागू की जाएगी।
तारादेवी-छोटा शिमला तक फ्लाई ओवर
तारादेवी से छोटा शिमला तक छोटे वाहनों के लिए फ्लाई ओवर बनने का भी प्रस्ताव है। तारादेवी से छोटा शिमला के लिए ओल्ड बस स्टैंड होते फ्लाई ओवर बनाने की योजना है। छोटे वाहन फ्लाई ओवर के जरिये सीधे तारादेवी से छोटा शिमला पहुंच सकेंगे, जबकि भारी वाहन मुख्य मार्ग से शहर तक पहुंचेंगे।
आइडल पार्किंग को लेकर कानून में संशोधन
सड़क किनारे अवैध रूप से की गाड़ियां पार्क करने की प्रवृति को रोकने के लिए कानून में संशोधन करने की तैयारी है। सड़क किनारे पार्किंग रोकने के लिए कानून को और अधिक कड़ा किया जाएगा। कानूनों में संशोधन कर सड़क किनारे अवैध पार्किंग करने पर चालान की राशि दोगुनी करने तथा गाड़ी जब्त करने का प्रावधान किया जाएगा
स्कूलों, अस्पतालों के आसपास बनेंगी पार्किंग
शहर में स्कूलों और अस्पतालों के आसपास पार्किंग का निर्माण किया जाएगा। राजधानी में सभी बड़े स्कूल मुख्य सड़कों के आसपास है। स्कूलों के बाहर सड़कों पर दिन भर वाहनों की लंबी कतारें लगी होती है, जिसके कारण बार बार जाम की स्थिति बन जाती है। पुलिस प्रशासन ने स्कूलों और अस्पतालों के पास बहुमंजिला पार्किंग बनाने का सुझाव दिया है।
जाम से निजात मिलेगी : दिनेश
डीएसपी ट्रैफिक दिनेश शर्मा का कहना है कि सिटी मोबिलिटी प्लान में शिमला शहर को ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने के लिए शहर से बाहर टूरिस्ट पार्किंग बनाने का प्रस्ताव है। शहर में टूरिस्ट वाहनों की एंट्री कम होने पर ट्रैफिक समस्या से काफी हद तक निजात मिलेगी।
उपनगरों में नई पार्किंगों का निर्माण
राजधानी में अधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों और उपनगरों में नए मल्टीस्टोरी पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे। लक्कड़ बाजार, संजौली, छोटा शिमला, खलीनी, बालूगंज, टूटू और आईएसबीटी में नई मल्टी स्टोरी पार्किंगों का निर्माण होगा। पार्किंग के निर्माण में मौजूदा डिमांड के साथ साथ दस साल बाद की डिमांड को भी ध्यान में रखा जाएगा।
ओल्ड बस स्टैंड में ओवर हेड ब्रिज
पैदल चलने वाले लोगों की सुविधा के लिए ओल्ड बस स्टैंड के पास ओवर हेड ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। विंटर फील्ड और लक्कड़ बाजार की ओर ओवर हेड ब्रिज बनेंगे। ओवर हेड ब्रिज बनने से सड़क पर लोगों की आवाजाही कम होगी जिससे दुर्घटना का खतरा नहीं रहेगा।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को पुख्ता तरीके से लागू करने के लिए लोगों को इसे लेकर जागरूक किया जाएगा। जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन कर लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम के लाभ बताए जाएंगे। लोगों को अपने निजी वाहनों के स्थान पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
प्लान सिरे चढ़ने में ये चुनौतियां
1. टूरिस्ट सीजन में रोजाना 7000 गाड़ियां कैसे होंगी पार्क
2. सैलानियों को लेकर आने वाली टैक्सियों की शहर में कैसे रुकेगी एंट्री
3. तारादेवी- शिमला के बीच सैलानियों को कैसे मिलेगी आवाजाही की सुविध्रा
4. नए पार्किंग स्थल विकसित करने के लिए कैसे होगी जगह की व्यवस्था
5. शिमला की भौगोलिक स्थिति के अनुसार आसान नहीं फ्लाई ओवर बनाना
6. बिना पार्किंग स्थल विकसित किए सड़क किनारे पार्किंग पर रोक कैसे संभव