नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस सरकार राजनीतिक प्रतिशोध पर उतर आई है। राजनीतिक प्रतिशोध के चलते ही प्रदेश सरकार एचपीसीए पर धड़ाधड़ झूठे केस बनाने में लगी है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए धूमल ने कहा कि कुछ लोग भ्रष्टाचार और मनी लांड्रिंग के आरोपों में घिरे हुए हैं। जबकि, हम पर खेल का विकास करने के बावजूद झूठे केस बनाए जा रहे हैं।
एचपीसीए के खिलाफ कोर्ट में दायर दो चालान पर धूमल ने कहा कि यह मामला अदालत में है। इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। कोर्ट ही दूध का दूध और पानी का पानी करेगा। शिक्षक दिवस पर विक्रमादित्य की ओर से पुतला फूंकने की बात पर धूमल ने कहा कि कुछ लोगों को शिक्षा की बातें अच्छी नहीं लगती हैं।
इस समय प्रदेश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा। विकास ठप है। कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ते की किस्त भी नहीं मिल रही है। इससे बचने के लिए सरकार की ओर से बनाई गई रिसोर्स मोबलाइजेशन कमेटी भी मजाक बन गई है।