गुरुवार को धर्मशाला पहुंचे सोनम वांगचुक ने बताया कि पृथ्वी ग्रह के साथ खिलवाड़ से उपजे खतरों के शुरुआती परिणाम हम देख ही चुके हैं। इस बर्फ के टुकड़े के माध्यम से हम दुनिया भर के लोगों को संदेश देना चाहते हैं कि लाइफ स्टाइल को बदलते हुए सादा जीवन जीने की आदत डालनी होगी।
चर्चित फिल्म थ्री इडियट के असली हीरो व प्रतिष्ठित मैगसेसे अवार्ड विजेता सोनम वांगचुक जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चिंताओं को साझा करने के लिए शुक्रवार को विश्व पृथ्वी के दिवस के उपलक्ष्य पर तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे दलाईलामा को खार्दुंग ला के ग्लेशियर से लाया बर्फ का टुकड़ा भी भेंट करेंगे। बर्फ का यह टुकड़ा भेंट कर वे दलाईलामा का ध्यान जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालय में लगातार पिघल रहे ग्लेशियरों की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।
विज्ञापन
गुरुवार को धर्मशाला पहुंचे सोनम वांगचुक ने बताया कि पृथ्वी ग्रह के साथ खिलवाड़ से उपजे खतरों के शुरुआती परिणाम हम देख ही चुके हैं। इस बर्फ के टुकड़े के माध्यम से हम दुनिया भर के लोगों को संदेश देना चाहते हैं कि लाइफ स्टाइल को बदलते हुए सादा जीवन जीने की आदत डालनी होगी। उनके साथ पर्यावरण कार्यकर्ता भी धर्मशाला पहुंचे हैं। धर्मशाला पहुंचने पर उन्होंने निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रयासरत कार्यकर्ताओं और वैज्ञनिकों से निर्वासित तिब्बत सरकार के सचिवालय में मुलाकात कर जलवायु परिवर्तन के विषय पर चर्चा की।
अपनी इनोवेशन के लिए जाने जाते हैं सोनम वांगचुक
वैज्ञानिक सोनम वांगचुक लगातार इनोवेशन पर काम करते रहते हैं। उन्हें उनके आइस स्तूप के लिए भी जाना जाता है। उनके इस आविष्कार को लद्दाख में सबसे कारगर माना जाता है। स्टूडेंट्स एजूकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट्स ऑफ लद्दाख से उन्होंने विशेष लोकप्रियता हासिल की है। लद्दाख में शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तन लाने के लिए भी वांगचुक जाने जाते हैं। सोनम वांगचुक का सोलर हीटेड मिलिट्री टेंट का आविष्कार सेना के लिए क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।