हाल ही में गठित हिमाचल के दूसरे नगर निगम धर्मशाला में चुनाव 27 मार्च को होंगे। शुक्रवार को राज्य चुनाव आयुक्त टीजी नेगी ने धर्मशाला के 17 वार्डों में चुनाव की घोषणा कर दी है। चुनाव शेड्यूल जारी होते ही नगर निगम धर्मशाला क्षेत्र में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है।
चुनाव प्रक्र्रिया पूरी होने तक राज्य सरकार अब कोई भी बड़ी घोषणा नहीं कर सकेगी। पांच अक्तूबर 2015 को बनाए गए धर्मशाला नगर निगम में चार मार्च से नामांकन के साथ ही चुनाव प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 27 मार्च को सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक मतदान होगा। शाम को चुनाव नतीजे घोषित होंगे। राज्य सचिवालय में चुनाव की
घोषणा करते हुए राज्य चुनाव आयुक्त टीजी नेगी ने बताया कि चार अप्रैल 2016 से पूर्व नगर निगम धर्मशाला में मेयर और डिप्टी मेयर का चयन करना होगा। प्रचार के लिए पर्याप्त समय दिया जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण पूरा करने के लिए चुनाव पर्यवेक्षक को नियुक्त किया जाएगा। चुनाव ड्यूटियां जिला कांगड़ा के उपायुक्त ही लगाएंगे।
कुल मतदाता- 31538
महिला मतदाता-15521
पुरुष मतदाता- 16017
29 फरवरी तक बनेंगे वोटर आई-कार्ड- जिन मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे 29 फरवरी तक 50 रुपये शुल्क अदा कर मतदाता रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व उपायुक्त कांगड़ा को प्रपत्र 4 पर आवेदन कर वोटर आई-कार्ड बनवा सकते हैं।
एक लाख रुपये तक कर सकेंगे चुनाव खर्च- नगर निगम धर्मशाला में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी एक लाख रुपये तक खर्च कर सकेंगे। चुनाव खर्च पर पर्यवेक्षकों की पूरी नजर रहेगी।
यह है चुनाव शेड्यूल
नामांकन की तारीख===4, 5 और 6 मार्च। सुबह 11 बजे से शाम तीन बजे तक
नामांकन पत्रों की जांच===9 मार्च सुबह 10 बजे से
चुनाव चिन्ह का आवंटन===11 मार्च सुबह 10 बजे से शाम तीन बजे तक
मतदान केंद्रों की सूची का प्रकाशन===चार मार्च या इससे पूर्व
मतदान की तारीख और समय===27 मार्च सुबह सात बजे से शाम तीन बजे तक
मतगणना की तारीख====मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के तुरंत बाद नगर निगम कार्यालय में
नतीजे===27 मार्च को शाम तक
ढाई-ढाई साल के लिए बनेंगे मेयर- नगर निगम धर्मशाला में मेयर ढाई-ढाई साल के लिए चुने जाएंगे। पार्षद इनका चयन करेंगे। डिप्टी मेयर का कार्यकाल पांच साल ही रहेगा। इस पद पर आरक्षण रोस्टर लागू नहीं होगा। मेयर
का पद पहले ढाई साल के लिए अनुसूचित जाति जबकि आगामी ढाई साल के लिए अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित रहेगा। आगामी पांच वर्षों के कार्यकाल में पहले ढाई साल सामान्य श्रेणी के लिए जबकि उसके बाद यह सीट महिला के लिए आरक्षित होगी।
पार्टी सिंबल पर नहीं होंगे एमसी चुनाव- नगर निगम में चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं होंगे। वार्डों में पार्षदों का चुनाव होगा। चुने हुए पार्षद वोट कास्ट करके मेयर और डिप्टी मेयर चुनेंगे। मेयर, डिप्टी मेयर के चुनाव में शहरी विकास विभाग के निदेशक की अहम भूमिका रहेगी। निदेशक की अध्यक्षता में पार्षद मेयर और डिप्टी मेयर के चयन के लिए वोट कास्ट करेंगे।