साइबर ठगों ने कानून के नाम पर डर का ऐसा जाल बुना कि मंडी जिले के धर्मपुर क्षेत्र की एक महिला करीब एक महीने तक उनके बताए निर्देशों का पालन करती रही। फर्जी अधिकारी बनकर की गई धमकी और परिवार को नुकसान पहुंचाने के डर के बीच महिला से उसकी जिंदगीभर की जमा पूंजी के 15.50 लाख रुपये ठग लिए गए।
पीड़िता के अनुसार, उसे पहली बार 15 अगस्त को फोन आया था। फोन करने वाली महिला ने खुद को दिल्ली पुलिस से बताया और कहा कि उसके खिलाफ मामला दर्ज है। इसके बाद उसकी कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी से बात करवाई गई। महिला ने बताया कि वीडियो कॉल के दौरान उसे वर्दी पहने एक व्यक्ति दिखाई दिया। इसके बाद उसे विश्वास दिलाने की कोशिश की गई कि उसके खिलाफ गंभीर मामला चल रहा है। ठगों ने उसे किसी परिजन या बैंक अधिकारी को इस बारे में जानकारी देने से भी मना किया।
पीड़िता के अनुसार, इसके बाद करीब एक महीने से अधिक समय तक उसे इसी तरह मानसिक दबाव में रखा गया। ठगों ने उसे बताया कि उसके बैंक खातों और दस्तावेजों की आरबीआई के माध्यम से जांच की जा रही है। उसे यह भरोसा भी दिया गया कि दस्तावेज अदालत में जमा होने के बाद उसकी पूरी रकम वापस खाते में डाल दी जाएगी। लेकिन इसी भरोसे के बीच ठगों ने महिला से रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली। पीड़िता के अनुसार, उसने अपनी जमा पूंजी दो बार ठगों के बताए खातों में भेजी। कुल रकम 15.50 लाख रुपये बताई गई है। ठगी का शक होने के बाद महिला ने आखिरकार अपने परिजनों को पूरी बात बताई। परिवार ने उसे संभाला और मामले की शिकायत पुलिस से की। शिकायत के आधार पर साइबर पुलिस थाना मंडी में प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मामले की आगामी जांच धर्मपुर पुलिस थाना के प्रभारी एवं जांच अधिकारी की ओर से की जा रही है।