शनिवार को जारी बयान में डॉ. शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपना चुनावी वादा निभाते हुए 18 वर्ष से अधिक की आयु की लड़कियों एवं महिलाओं के लिए इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना आरंभ की है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डाॅ. धनी राम शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में अनेकों योजनाएं आरंभ कर उन्हें धरातल पर उतारा है। शनिवार को जारी बयान में डॉ. शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपना चुनावी वादा निभाते हुए 18 वर्ष से अधिक की आयु की लड़कियों एवं महिलाओं के लिए इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना आरंभ की है।
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योजना के अंतर्गत फार्म भरने का कार्य शुरू किया गया है। महिलाओं को इसका लाभ मिलना आरंभ हो चुका है।
भाजपा प्रदेश की महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित करने के लिए बार-बार चुनाव आयोग जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2.42 लाख महिलाओं को 1000 या 1150 रुपये मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिल रही थी, जिसे वर्तमान प्रदेश सरकार ने बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया है। पुलिस भर्ती में लड़कियों के लिए आरक्षण 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया गया। हिमाचल प्रदेश सीलिंग लैंड होल्डिंग एक्ट 1972 में परिवार में पुत्र को अलग इकाई माना गया था तथा लड़कियों को अलग इकाई मानने से वंचित रखा गया। वर्तमान प्रदेश सरकार ने इस एक्ट में संशोधन कर बेटियों को अलग इकाई बनाया तथा उनके साथ हो रहे भेदभाव को समाप्त किया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार ने इंदिरा गांधी बालिका सुरक्षा योजना के तहत एक बेटी के बाद परिवार नियोजन अपनाने वाले परिवार को मिलने वाली 35 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर दो लाख रुपये तथा दो बेटियों के बाद परिवार नियोजन पर मिलने वाली 25 हजार रुपये की राशि एक लाख रुपए करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सुख-शिक्षा योजना आरम्भ की जा रही है, जिसके तहत विधवाओं के 27 साल तक के बच्चों की शिक्षा पर होने वाला खर्च प्रदेश सरकार वहन करेगी। विधवा, निराश्रित, तलाकशुदा और अक्षम माता-पिता के सभी पात्र बच्चों को 18 वर्ष की आयु तक एक हजार रुपये प्रतिमाह जमा किए जाएंगे।