श्रद्धालु बिना अनुमति जोखिम लेकर मणिमहेश की यात्रा कर रहे हैं। हैरानी की बात है कि शासन-प्रशासन को इसकी खबर तक नहीं हैं। भरमौर प्रशासन को यदाकदा होने वाली दुर्घटना के बाद ही इस बात पता चलता है कि श्रद्धालु मणिमहेश आ-जा रहे हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि 6 सितंबर से प्रशासनिक तौर पर पवित्र मणिमहेश यात्रा आरंभ होगी। इससे पहले यात्रा पर जाने के इच्छुक लोग अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इससे पूर्व सूचना के मणिमहेश जाने वाले लोगों को लेकर प्रशासन की जबावदेही नहीं होगी।
मणिमहेश न्यास और भरमौर प्रशासन यात्रा को सुविधाजनक बनाने पर काम कर रहा है। इसके तहत हड़सर से मणिमहेश डल तक रास्तों की मरम्मत, शौचालय स्थापित करने, पेयजल व्यवस्था समेत अन्य प्रबंधों को करने में विभागीय टीमें जुटी हैं। इसके बावजूद प्रशासनिक तौर पर यात्रा आरंभ होने से पहले ही लोग मणिमहेश जा रहे हैं। इस बाबत भरमौर प्रशासन के पास किसी प्रकार का लेखा-जोखा तक नहीं हैं। ऐसे में अब इसे प्रशासनिक चूक कहें या लोगों की नासमझी कि वे बड़ा रिस्क लेकर अपने स्तर पर ही मणिमहेश पहुंच रहे हैं।
उपमंडल भरमौर में मौसम साफ है। प्रशासन और विभाग मणिमहेश यात्रा के प्रबंधों में जुटे हैं। ऐसे में पहाड़ चढ़ने वालों को प्रशासन किस आधार पर रोक सकता है। 6 सितंबर के बाद प्रशासनिक तौर पर पवित्र मणिमहेश यात्रा आरंभ होगी।
-कुलवीर सिंह, उपमंडलाधिकारी, भरमौर