घाटी के अधिष्ठाता देव राजा घेपन, देवी भोटी समेत अठारह नाग देवी हिडिंबा से मिलने के बाद अब तीन वर्ष के लिए जुदा हो गए हैं। शुक्रवार को घाटी के फूड़ा गांव में इस अलौकिक तथा भावुक नजारे को देखने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ी।
लाहौल-स्पीति उपायुक्त हंस राज चौहान सहित कई अन्य अधिकारी भी इस भव्य देव मिलन के गवाह बने। जयकारों के बीच देवी हिडिंबा, राजा घेपन, देवी भोटी तथा अठारह नाग से अलग हुई और देवी हिडिंबा को अपने वास स्थली जाहलमा लाया गया।
जबकि राजा घेपन की रथयात्रा आगे निकली। लाहौल घाटी में राजा घेपन की रथयात्रा हर तीसरे साल निकलती है। इस दौरान देवी भोटी भी परिक्रमा में राजा घेपन के साथ रहती हैं। यात्रा शुरू होने पर फूड़ा गांव से ही देवी हिडिंबा इस रथयात्रा में शामिल हो जाती हैं।
शुक्रवार को फूड़ा गांव से देवी हिडिंबा अन्य देवी-देवताओं से भव्य देव मिलन कर अपने देवालय लौट गई हैं। देवी की जुदाई के समय ढोल-नगाड़ों की थाप पर यहां मौजूद हजारों लोगों की आंखें छलक आईं।
देवी के बिछुड़ते समय इन देवताओं ने एक-दूसरे को प्रतीकात्मक निशान के रूप में कपड़ा (शेष) दिए हैं। डीसी लाहौल-स्पीति हंस राम चौहान ने कहा कि देव मिलन का यह दृश्य किसी अचंभे से कम नहीं है। देव हिडिंबा के गूर रणवीर ने बताया कि अब मां हिडिंबा तीन साल के लिए एक दूसरे से अलग हो गई हैं।