देवभूमि कुल्लू के विभिन्न इलाकों में देव परंपरा कुछ अलग है। इन दिनों घाटी के कुछ देवी-देवता स्वर्ग प्रवास से वापस लौट आए हैं तो कुछ देवी-देवताओं की स्वर्ग प्रवास पर जाने की तैयारी है। बीस जनवरी तक मणिकर्ण घाटी के अधिकतर देवी-देवता मध्यरात्रि को स्वर्ग प्रवास पर निकलेंगे। करीब एक महीने तक देवी-देवता स्वर्ग प्रवास पर रहेंगे।
गौरतलब है कि एक महीने तक देव कारकून भी कड़े देव प्रतिबंध में बंधे रहेंगे। जब तक देवी-देवता स्वर्ग प्रवास से वापस नहीं लौटेंगे तब तक मणिकर्ण घाटी के लोग बाल और नाखून नहीं काटेंगे। लिहाजा, देव कारकून एक महीने तक तपस्या में लीन रहेंगे। वहीं एक महीने तक घाटी के मंदिरों में सुबह-शाम वाद्ययंत्रों की धुनें गूजेंगी।