भूमि उपलब्ध होने के बाद खेल मैदान और भवन बनेंगे खास खबर संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिले के सभी स्कूल प्रमुखों से शिक्षा विभाग ने स्कूलों की अनुपयोगी भूमि का ब्योरा मांगा है।
उपनिदेशक उच्च शिक्षा लेखराज भारद्वाज ने सभी प्रधानाचार्यों और मुख्याध्यापकों को पत्र जारी कर विभाग के स्वामित्व और कब्जे वाली अनुपयोगी भूमि का विस्तृत विवरण मांगा है। निर्देशों के अनुसार सभी स्कूल प्रमुखों को तीन दिन के भीतर निर्धारित प्रारूप में जानकारी उपलब्ध करवानी होगी। प्रत्येक स्कूल को बताना होगा कि शिक्षा विभाग के नाम कितनी भूमि दर्ज है, इसमें से कितनी भूमि का उपयोग किया जा रहा है और कितनी भूमि अनुपयोगी है। इसके साथ ही भूमि हस्तांतरण का वर्ष, कुल रकबा, खसरा नंबर और भूमि के उपयोग में न होने के कारणों की जानकारी भी देनी होगी। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि यह जानकारी राजस्व रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद ही भेजी जाए।
उपनिदेशक कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि सभी स्कूल प्रमुख राजस्व रिकॉर्ड से सत्यापित जानकारी ई-मेल और हार्ड कॉपी दोनों माध्यमों से तीन दिन के भीतर उपलब्ध करवाएं, ताकि जिला स्तर पर समेकित रिपोर्ट तैयार कर समय पर निदेशालय को भेजी जा सके। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सूचना उपलब्ध करवाने में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा क्योंकि यह समयबद्ध कार्य है। विभाग के पास भूमि का पूरा ब्योरा आने के बाद उपलब्ध भूमि का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। स्कूलों में आवश्यकता के अनुसार खेल मैदान, स्कूल भवन, विज्ञान और कंप्यूटर लैब, पुस्तकालय, बहुउद्देश्यीय हॉल, शौचालय, स्टाफ रूम, पार्किंग समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए इस भूमि का उपयोग किया जा सकेगा। जिले के जिन स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है, वहां भविष्य में योजनाबद्ध तरीके से विकास कार्य करवाए जा सकेंगे। साथ ही उपलब्ध भूमि के आधार पर स्कूलों में आवश्यक सुविधाओं के विस्तार की योजना तैयार की जाएगी।