एक सदी बाद मनाया जा रहा पर्व
बता दें कि शाठी-पाशी का चौंतरा माना जाने वाले टटियाना में एक सदी बाद यह शांत पर्व मनाया जा रहा है। गौरतलब रहे कि 1 जुलाई को आयोजित होने वाले भंडारे में कमरऊ तहसील के अंतर्गत आने वाले गांवों के अलावा पांवटा और रेणुकाजी क्षेत्र के कई गांवों के ग्रामीण मौजूद रहेंगे। 2 जुलाई को होने वाले भंडारे में शिलाई, जौनसार और शिमला क्षेत्र के लोगों के अलावा ठुंडु बिरादरी के हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। इससे पूर्व ग्रामीणों ने अपने अस्त्रों-शस्त्रों का जुलूस मंदिर के प्रांगण में निकालकर इस पर्व का जश्न मनाया।
स्थानीय ग्रामीणों अनिल शर्मा, मायाराम शर्मा, ओम प्रकाश रमौल ने बताया कि यहां शांत पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। एक जुलाई को मुख्य कार्यक्रम रखा गया है, लेकिन अनुष्ठान 28 जून से शुरू हो चुके हैं। घर-घर का हरेक शख्स तैयारी में जुटा हुआ है। महासू महाराज और माता ठारी की अनुकंपा से टटियाना वासी चौंतरे में थाती-माटी के जागरण के महापर्व ‘शांत महायज्ञ अनुष्ठान’ आयोजित कर रहे हैं। 1 और 2 जुलाई को भंडारे का आयोजन किया जाएगा।