अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि याचिकाकर्ताओं को जो प्रमाण पत्र अपलोड करने थे। वे किसी सरकारी प्राधिकरण से जारी नहीं किए जाने थे। उम्मीदवारों को दो राजपत्रित अधिकारियों से चरित्र प्रमाण पत्र अपलोड करने थे। जोकि आसानी से प्राप्त किए जा सकते थे। सरकारी प्राधिकरण से जारी किए जाने वाले प्रमाणपत्र जैसे जाति, उपजाति, अनुसूचित जाति, चरित्र, स्थायी निवासी आदि प्रमाण पत्रों को आवेदन करने की अंतिम तिथि से पहले कई बार प्राप्त नहीं किया जा सकता है।
अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे प्रमाण पत्रों को आवेदन करने की अंतिम तिथि के बाद भी जमा करवाया जा सकता है। लोक सेवा आयोग की ओर से अदालत को बताया गया कि सिविल जज परीक्षा के लिए आवेदन करने के लिए 22 अप्रैल 2023 को अधिसूचना जारी की गई थी। उम्मीदवारों को निर्धारित नियमों के अनुरूप दस्तावेज अपलोड करने के निर्देश दिए गए थे।