शीतकालीन सत्र के बाद मंत्रियों के विभागों में फेरबदल होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि अभी मंत्रियों के विभागों को इसलिए नहीं बदला गया है कि विधानसभा के चलते मंत्रियों को विधायकों के सवालों के जवाब देने हैं।
धर्मशाला शीतकालीन सत्र के बाद मंत्रियों के विभागों में फेरबदल होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि अभी मंत्रियों के विभागों को इसलिए नहीं बदला गया है कि विधानसभा के चलते मंत्रियों को विधायकों के सवालों के जवाब देने हैं। विधानसभा की तारीख तय होने के बाद ही दोनों मंत्रियों की शपथ हुई है। ऐसे में सत्र के बाद ही इन्हें जिम्मेवारी सौंपी जानी है। वहीं, विकास कार्यों में रुचि न दिखाने वाले मंत्रियों के महकमे भी बदले जाने हैं। इसको लेकर भी सरकार में माथापच्ची चल रही है।
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मुख्यमंत्री अधिकांश समय व्यस्त रहते हैं। कैबिनेट विस्तार न होने से ज्यादातर विभाग मुख्यमंत्री ही देख रहे हैं। ऐसे में उम्मीद लगाई जा रही है कि मुख्यमंत्री अपना भार कम कर सकते हैं। विभाग अन्य मंत्रियों को दिए जा सकते हैं। उल्लेखनीय है कि वन, खाद्य आपूर्ति, शहरी विकास विभाग, आबकारी, ऊर्जा, वित्त, गृह आदि अन्य विभाग मुख्यमंत्री देख रहे हैं। मुख्यमंत्री हर सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक करते हैं। इसमें अधिकारियों से विचार विमर्श से पता चल रहा है कि मंत्री अपने विभाग में क्या - क्या विकास कार्य कर रहे हैं।
कई मंत्री खुद भी बदलना चाहते महकमे
सुक्खू सरकार में कई मंत्री खुद भी महकमे बदलना चाहते हैं। इसको लेकर मंत्री अपनी बात मुख्यमंत्री के समक्ष रख चुके हैं। इस पर सीएम अपने स्तर पर यह फैसला लेना है।