कोरोना काल में अब विभागों और निगमों के अधिकारी कोई भी निर्णय लेने के लिए खुद नियम तैयार कर सकेंगे। प्रदेश सरकार ने विभागों और निगम प्रबंधन को यह शक्तियां दे दी हैं। नियम तैयार करने के बाद इसकी जानकारी आपदा प्रबंधन को देनी होगी। इसके बाद ही नियम लागू करने की अधिसूचना जारी की जा सकेगी। कोरोना के लेकर अभी तक आपदा प्रबंधन की ओर से नियमों को तैयार किया जाता था। अधिसूचना जारी करने की शक्तियां भी आपदा प्रबंधन के पास ही थीं, लेकिन अब संबंधित विभागों, निगमों और बोर्डों को भी नियम बनाने के लिए अधिकृत किया गया है।
परिवहन निगम अगर हिमाचल में अतिरिक्त रूटों पर बसें चलाना चाहता है तो इसके लिए निगम प्रबंधन को आपदा प्रबंधन से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। प्लान तैयार करने के बाद एक बार इसकी जानकारी आपदा प्रबंधन को देनी होगी। इसकी तरह शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल कालेज खोलने या बंद रखने आदि निर्णय, बिजली बोर्ड, लोक निर्माण विभाग के कोरोना काल में जो भी नियम तैयार करने है, इन्हें खुद ही तैयार करने होंगे। राजस्व व आपदा प्रधान सचिव ओंकार शर्मा ने कहा कि विभागों और निगमों-बोर्डों को नियम तैयार करने की शक्तियां दी गई हैं। वह अपने हिसाब से नियम बना सकते हैं। संबंधित विभागों को जानकारी ज्यादा रहती है।