एचपीयू में छात्रों-सुरक्षा कर्मियों में धक्कामुक्की
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के बीएससी, बीकॉम के प्रथम वर्ष के घोषित नतीजों में अनियमितता, आधे अधूरे परिणाम और 80 फीसदी तक विद्यार्थियों के फेल होने के मामले को लेकर छात्र संगठन उग्र हो गए। शुक्रवार को प्रदेशभर के अधिकतर कॉलेजों में छात्र संगठन एसएफआई, एबीवीपी और एनएसयूआई ने प्रदर्शन किए। ऊना के एसवीएसडी कॉलेज भटोली के विद्यार्थियों ने दूसरे दिन भी हंगामा किया। सुबह विद्यार्थियों ने कॉलेज के मेन गेट पर ताला जड़ दिया। कॉलेज प्रबंधन को पुलिस बुलानी पड़ी। इसके बाद पुलिस ने ताला खुलवाया।
एचपीयू में एसएफआई ने मुख्य गेट से लेकर कुलपति कार्यालय तक विरोध रैली निकाली। कुलपति कार्यालय के बाहर कॉलेजों से आए विद्यार्थियों और एसएफआई कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने जबरन कुलपति कार्यालय में घुसने का प्रयास किया। इसे लेकर मौजूद सुरक्षा व पुलिस कर्मियों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। छात्रों का आरोप है कि विवि ने जो परिणाम घोषित किया है, उसमें बड़ी खामियां हैं। इस कारण 80 फीसदी तक विद्यार्थी फेल हुए हैं। इसके लिए पूरी तरह से विवि प्रशासन जिम्मेदार है।
खराब रिजल्ट वाले दस कॉलेजों के 300 छात्रों की मूल्यांकन प्रक्रिया की होगी जांच
खराब रिजल्ट को लेकर हुए हंगामे के बाद विश्वविद्यालय ने जांच शुरू कर दी है। अधिष्ठाता अध्ययन को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। सात सदस्यीय कमेटी की शुक्रवार को इस मामले को लेकर पहली बैठक हुई। फैसला हुआ कि कमेटी प्रदेशभर के सबसे खराब रिजल्ट वाले दस कॉलेजों के तीनों संकायों के दस-दस छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया की जांच करेगी। कमेटी अध्यक्ष को इस जांच को पूरा करने को शनिवार तक का समय दिया गया है।
शुक्रवार को कमेटी की बैठक में ईआरपी सिस्टम, परीक्षा विंग में ऑन स्क्रीन मूल्यांकन की प्रक्रिया से संबंधित अधिकारियों को भी बुलाया गया। एसएफआई के नेताओं ने भी सदस्यों के समक्ष घोषित परिणाम को लेकर खामियों को गिनाया। विवि के अधिष्ठाता अध्ययन और कमेटी के अध्यक्ष प्रो. कुलभूषण चंदेल ने माना कि जांच शुरू कर दी गई है।जांच कमेटी हर पहलू पर बारीकी से जांच करेगी। शनिवार को रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि मूल्यांकन और परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया में कोई चूक हुई है या नहीं। -प्रो. ज्योति प्रकाश, प्रति कुलपति, एचपीयू
इन बिंदुओं पर होगी जांच
कमेटी पता लगाएगी कि किसी स्तर पर मूल्यांकन में खामी न रही हो। ऑन स्क्रीन मूल्यांकन की प्रक्रिया में उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग, इसे ऑनलाइन शिक्षकों तक भेजने, वहां उत्तर पुस्तिका का सही से मूल्यांकन हुआ है, इसमें कोई ऐसे प्रश्न तो नहीं छूटे हैं, जिन्हें जांचा ही न गया हो, छात्रों के ऑनलाइन आए अवार्ड सही ढंग से विवि को मिले हैं या नहीं, यह सब जांच के दायरे में होगा।