फोरलेन के लिए भवनों को गिराने का कार्य शुरू
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कालका-शिमला एनएच पांच पर एनएचएआई की ओर से अधिगृहीत मकानों को फिर से गिराने का काम शुरू हो गया है। परवाणू से सोलन तक एनएचएआई 75 ऐसे मकानों पर कार्रवाई करेगी, जिन्हें मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है। वहीं, उच्च न्यायालय की ओर से भी बीते दिनों इन लोगों के बिजली-पानी के कनेक्शन काटने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद इन लोगों के बिजली-पानी के कनेक्शन काटे गए थे और मंगलवार से इन भवनों को गिराने का कार्य शुरू कर दिया है। मंगलवार सुबह पुलिस दल बल के साथ एनएचएआई और प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में भवनों को तोड़ने का कार्य शुरू हुआ। टीम को देखते ही लोगों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन मकानों को खाली किया। जिसके बाद टीम ने भवनों को गिराने का कार्य किया है। दोपहर तक टीम ने सोलन बाईपास में तीन से चार मकानों को तोड़ा। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई आगामी दिनों में पूरी की जानी है।
काफी समय से लंबित पड़ा मामला
परवाणू से सोलन के बीच इन मकानों का मामला काफी समय से लंबित था। इन लोगों ने कोर्ट से अपील की थी कि उन्हें केवल भवन का ही पैसा मिला है, लेकिन जिस भूमि पर यह मकान बने हैं, उस भूमि का पैसा उन्हें नहीं दिया गया। इसके बाद लोगों को कोर्ट से भी यहां पर रहने की इजाजत मांगी थी। इन लोगों को कोर्ट से भी कोई ढील नहीं मिली है और तुरंत कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं। कार्रवाई पूरी होने के बाद इसकी रिपोर्ट भी सौंपी जाएगी। फोरलेन निर्माण के दौरान 350 ऐसे मकान थे, जिनके मालिकों को मुआवजा तो एनएचएआई की ओर से दे दिया गया था, लेकिन ये लोग मकान खाली नहीं कर रहे थे।