Demand to investigate a ERP project
एसएफआई ने लगाए गोलमाल के आरोप, जांच न करवाने पर आंदोलन की धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। एसएफआई की विवि इकाई ने आठ करोड़ से अधिक के एचपीयू के ईआरपी (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) ऑनलाइन सिस्टम प्रोजेक्ट में गोलमाल होने के आरोप लगाए हैं। एसएफआई ने इस प्रोजेक्ट की सीबीआई से जांच करवाने की मांग की है।
इकाई अध्यक्ष विवेकराज और सचिव रॉकी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में करोड़ों के हिसाब से सरकारी धन और संसाधनों का प्रयोग हो चुका है लेकिन यह सिस्टम आम छात्रों के लिए सुविधा की जगह परेशानी का कारण बना हुआ है। इससे प्रदेश के हजारों छात्रों का भविष्य बर्बाद हो रहा है। प्रोजेक्ट में करीब छह करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है, लेकिन सिस्टम में कोई सुधार नहीं हुआ है।
ईआरपी सिस्टम की खामियों को दूर करने को लेकर एसएफआई लगातार आंदोलन कर रही है लेकिन प्रशासन आंदोलन को दबाने के लिए कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज कर उनका भविष्य बर्बाद कर रहा है। प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुए 6 साल का समय बीत चुका है लेकिन ईआरपी सिस्टम की खामियां अभी तक दूर नहीं हो पाई हैं।
उन्होंने कहा कि कुलपति स्वयं मान चुके हैं कि सिस्टम में खामियां हैं जिसे दूर करने के लिए कंपनी को 15 दिन का समय दिया है। अब कुलपति बताए कि इस सिस्टम की खामियों से जो हजारों छात्रों का भविष्य बर्बाद हुआ है उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।