तीन से छह हजार में बिक रहा इंडक्शन चूल्हा संवाद न्यूज एजेंसी शिमला। राजधानी में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों के संकट के बीच में इंडक्शन चूल्हों की मांग बढ़ गई है। गैस की कमी के कारण लोग अब वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इंडक्शन चूल्हों की खरीदारी करने लगे हैं।
शहर में अभी घरेलू गैस की कमी नहीं है लेकिन व्यावसायिक उपभोक्ता काम चलाने के लिए इनकी खरीद कर रहे हैं। मालरोड के इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी कवि खन्ना ने बताया कि तीन दिन में ही इंडक्शन चूल्हों की बिक्री काफी तेजी से बढ़ी है। आमतौर पर जो स्टॉक एक महीने में बिकता था, वह इस बार तीन दिनों में ही खत्म हो गया। बताया कि तीन दिन में 30 से 35 इंडक्शन चूल्हों की बिक्री हुई है। इनका मूल्य तीन हजार से छह हजार रुपये तक है। संजौली के इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी ओम प्रकाश ने बताया कि इंडक्शन चूल्हे अपेक्षाकृत सस्ते, सुरक्षित और बिजली से चलने के कारण सुविधाजनक विकल्प साबित हो रहे हैं। कई लोग गैस सिलेंडर की उपलब्धता न होने तक इसे बैकअप के रूप में खरीद रहे हैं।
अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध से राजधानी शिमला में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की सप्लाई अब प्रभावित होने लगी है। ऐसे में शिमला के कई परिवारों ने खाना बनाने के लिए अस्थायी तौर पर इंडक्शन चूल्हों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। वहीं छात्रावासों, किराये के कमरों में रहने वाले छात्रों और छोटे परिवारों के बीच भी इंडक्शन चूल्हे तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। शहर के कारोबारियों का कहना है कि यदि गैस की सप्लाई में इसी तरह अनियमितता बनी रही तो आने वाले दिनों में इलेक्ट्रिक कुकिंग उपकरणों की मांग और बढ़ सकती है।