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10 लाख बच्चों को दो महीने देरी से मिलेगी स्कूल वर्दी

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हिमाचल के सरकारी स्कूलों में हर साल जुलाई अंत तक पहली से दसवीं तक के दस लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं को मिलने वाली मुफ्त वर्दी इस बार दो महीने देरी से मिलेगी।
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वर्दी सप्लाई के लिए टेंडर करने वाली कंपनियों पर ऑब्जेक्शन की वजह से देरी होगी। खाद्य आपूर्ति निगम अब दोबारा टेंडर करेगा। निगम ने 15 दिन पहले वर्दी की सप्लाई के लिए टेंडर आमंत्रित किए थे।

इसमें प्रदेश और बाहरी राज्यों की कुल छह कंपनियों ने हिस्सा लिया। टेक्निकल बिड में पाया गया कि किसी कंपनी ने इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भरी है तो किसी के दस्तावेज अधूरे हैं। लिहाजा, खाद्य आपूर्ति निगम ने कंपनियों के टेंडर में ऑब्जेक्शन लगाकर बुधवार को ये फाइल सरकार को भेज दी है।
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पहले भी विवादों में रही है वर्दी

अब सरकार की इंपावर्ड कमेटी इस पर फैसला लेगी। बताया जा रहा है कि वर्दी मामले में दोबारा टेंडर किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में स्कूली बच्चों की दी जानी वाली मुफ्त वर्दी पहले भी विवादों में रही है। इसीलिए खाद्य आपूर्ति निगम और शिक्षा विभाग वर्दी खरीद-फरोख्त मामले में अपनी ओर से कोताही नहीं बरतना चाहते।

विवादों में रही है वर्दी
मुफ्त स्कूल वर्दी पहले भी विवादों में रही है। वर्दी के सैंपल जांच में घटिया पाए गए थे। मामला विधानसभा में गूंजा तो मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने खाद्य आपूर्ति निगम को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। निगम ने विधि विभाग से सलाह लेने के लिए फाइल भेजी। विधि विभाग ने भी एफआईआर के लिए हरी झंडी दे दी, लेकिन अभी तक कंपनियों पर केस दर्ज नहीं कराया गया है।

टेक्निकल बिड में अगर कंपनियां खाद्य आपूर्ति निगम के नियमों के मुताबिक सही नहीं हैं तो टेंडर देने का सवाल ही नहीं। मामला इंपावर्ड कमेटी को भेजा गया है। दोबारा टेंडर करने पर इंपावर्ड कमेटी फैसला लेगी।
- जीएस बाली, खाद्य आपूर्ति मंत्री
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