अनजान व्यक्ति को भी घर में प्रवेश से पहलेे आंगन से बाहर ही नशे का सामान छोड़ने को कहा जाता है। फलाणी नारायण लगघाटी के फलाण गांव में भी हैं, जबकि दूसरा लगघाटी के दड़का में हैं। फलाण में देवता का छोटा करडू है, जबकि दड़का में देवता का रथ है।
देवता के हारियान लाल चंद ठाकुर, गूर कालू राम ने कहा कि नशे के प्रति देवता सख्त हैं। देवता लाव-लश्कर के साथ दशहरा में शिरकत करते हैं। दशहरा कैंप के आसपास भी देव आदेश लागू रहता है।
देवता के पुजारी किरपाराम, प्रमेश, सुंदर सिंह ने कहा कि देवता के पास कोई नशे की चीज लेकर जाने पर सख्त मनाही है। अगर कोई देव आदेश का उल्लंघन करता है तो उसे देवता स्वयं दंडित करते हैं।
ऐसे प्रमाण आज भी देखने को मिलते हैं। देवता फलाणी नारायण के कारदार चंदे राम ने कहा कि देव आदेश का पालन सिर्फ दो गांवों में ही नहीं, बल्कि लगघाटी के कई गांवों में होता है।