इसके तहत एसएमसी के माध्यम से प्राथमिक और उच्च शिक्षा विभाग में जहां पर बीते एक साल से शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, वहां पर शिक्षकों के विभिन्न श्रेणियों के पद भरने का फैसला लिया गया। अब प्रदेश सरकार इस नियम में संशोधन करने जा रही है।
बताया जा रहा है कि एक साल की जगह छह माह से रिक्त चल रहे स्कूलों में एसएमसी से शिक्षक भर्ती की जाएगी। इसको लेकर शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है। संभावित है कि सोमवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस मामले को लेकर चर्चा हो सकती है।
एसएमसी से शिक्षक भर्ती को साल 2011 में धूमल सरकार ने शुरू किया था। वीरभद्र सरकार ने भी इस व्यवस्था को जारी रखते हुए सैकड़ों शिक्षकों की भर्ती की थी। इसी कड़ी में अब जयराम सरकार ने भी एसएमसी से भर्तियां करने का फैसला लिया है।