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दीपाली बनी मिसेज मनाली, 85 साल की बाली रही सेकेंड रनरअप

Wed, 21 Sep 2016 09:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मनाली (कुल्लू)
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दीपाली
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हिमाचल के मनाली में आयोजित रेडक्रॉस मेले के दौरान मिसेज मनाली प्रतियोगिता में मंडी की दीपाली ने मिसेज मनाली का ताज पहना। जबकि शालू चौहान घरसंगी फर्स्ट और 85 वर्षीय बाली ठाकुर सेकेंड रनरअप घोषित की गईं।
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मिसेज मनाली का खिताब पहनने के लिए महिलाओं में खूब क्रेज दिखा। इस दौरान एडीसी कुल्लू विनय सिंह ठाकुर बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए। जबकि एएसपी कुल्लू एनएस नेगी विशेष अतिथि रहे।

सूबे की करीब 26 महिलाओं को पछाड़ते हुए दीपाली मिसेज मनाली का खिताब अपने नाम किया। मिसेज मनाली प्रतियोगिता में मोस्ट ग्रेसफुल लेडी का खिताब सुनीता ठाकुर और मोस्ट कांफीडेंट लेडी का खिताब रितु ठाकुर ने हासिल किया।
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इससे पहले प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने रैंप पर हुस्न के जलवे बिखरे। प्रतिभागियों ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और स्वच्छता के बारे दर्शकों को जागरूक किया।  मिसेज मनाली प्रतिस्पर्धा में तीन राउंड करवाए गए। सबसे पहले फ्यूजन, दूसरा साड़ी तथा पहचान और तीसरा प्रश्न-उत्तर राउंड करवाया गया।

आखिरी राउंड में 27 में से 12 महिलाएं रैंप पर उतरीं। मिसेज मनाली को 31 हजार, फर्स्ट रनरअप को इक्कीस हजार, सेकेंड रनरअप को ग्यारह हजार, मोस्ट ग्रेस फूल लेडी को पांच हजार और मोस्ट कांफिडेंट को पांच हजार, मोमेंटो और प्रमाण पत्र के साथ सम्मानित किया गया। एसडीएम मनाली ज्योति राणा की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए महिलाओं में खूब उत्साह देखने को मिला।
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कहानी जान इनके जज्बे को करेंगे सलाम

मिसेज मनाली का खिताब पाने के वाद दीपाली ठाकुर ने कहा कि यह ताज पहनकर सपना पूरा हुआ है। उनका सपना था कि शादी के बाद उन्हें एक ऐसा मंच मिले, जहां पर वह मॉडलिंग के अपने सपने को साकार कर सकें। दीपाली मंडी की रहने वाली हैं और मंडी में डांसिंग स्कूल चला रही हैं। वह कथक में प्रभाकर कर रही हैं। कहा कि मौका मिला तो वह राष्ट्रीय स्तर के मंच पर भी प्रतिभा हुनर दिखाने के लिए जाएंगी। उन्होंने अपनी जीत का सारा श्रेय अपने परिवार को दिया।

पति के सहयोग से मिला मुकाम : शालू
मिसेज मनाली की फर्स्ट रनरअप शालू चौहान मनाली में एक एनजीओ चलाती हैं। उन्होंने बताया कि उनके पति के सहयोग से वह इस मुकाम तक पहुंचने में कामयाब हुई हैं। आने वाले समय में भी शालू इस तरह के मंच पर प्रतिभा दिखाना चाहेंगी।

कैंसर को मात दे चुकी हैं रीतू
मोस्ट कांफीडेंट लेडी का खिताब पाने वाली रीतू ठाकुर ने अपने जीवन में बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं। रितू इस मंच में आने से पहले कैंसर जैसी भयानक बीमारी को भी मात दे चुकी हैं। रितू ने मंच से संदेश दिया कि महिलाएं अगर किसी काम करने की ठान लेती हैं उसे पूरा करके ही छोड़ती है।
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