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नए शिक्षा निदेशक की नियुक्ति से पहले ही घमासान, ये है कारण

Sat, 24 Dec 2016 12:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में नए उच्च शिक्षा निदेशक की नियुक्ति को लेकर घमासान मच गया है। हर शिक्षक संगठन अपनी सहूलियत के हिसाब से निदेशक की नियुक्त चाह रहा है। किसी संगठन को स्कूल कैडर, किसी को कॉलेज कैडर तो किसी संगठन को ब्यूरोक्रेट के तौर पर नया शिक्षा निदेशक चाहिए। वर्तमान उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
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हालांकि बुराथोकी को सेवा विस्तार दिए जाने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। फिलहाल स्थिति साफ नहीं होने के चलते हर शिक्षक संगठन अपने-अपने तरीके से राज्य सरकार पर दबाव डालने में जुटा हुआ है।  हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ ने प्रदेश में शिक्षा निदेशक की नियुक्ति पंजाब के आधार पर करने की मांग की है। पंजाब में शिक्षा आयुक्त के अधीन डीपीआई कॉलेज और डीपीआई स्कूल की व्यवस्था की गई है।

इसी व्यवस्था को हिमाचल में भी तुरंत प्रभाव से लागू करने की मांग है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष डा. अश्वनी कुमार ने कहा है कि प्रदेश वेतन के मामले में पंजाब का अनुसरण करता है तो व्यवस्था को भी पंजाब की तरह अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा निदेशक कॉलेज कैडर से होने पर वह स्कूली शिक्षा को नहीं समझ पाते हैं। ऐसे में स्कूल कैडर से इस पद को भरा जाए।
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प्रदेश विज्ञान अध्यापक संघ ने वर्तमान उच्च शिक्षा निदेशक की बेहतर कार्य प्रणाली को सराहा है। संघ के अध्यक्ष अजय शर्मा और कार्यकारी अध्यक्ष मनोजपाल सिंह परिहार का कहना है परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अगर सरकार दिनकर बुराथोकी को सेवा विस्तार देती है तो संघ इसका स्वागत करेगा। राजकीय अध्यापक संघ (रांटा गुट) के प्रदेश अध्यक्ष एसएस रांटा ने सरकार से निदेशक के पद पर शिक्षाविद की नियुक्ति करने की मांग की है।

संघ का कहना है कि जो संगठन ब्यूरोक्रेट की नियुक्ति की मांग कर रहे हैं, वह संगठन शिक्षकों के हितैषी नहीं है। उधर, कॉलेज टीचर एसोसिएशन निदेशक के पद पर कॉलेज कैडर से नियुक्ति की मांग कर रही है। राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने स्कूल कैडर या ब्यूरोक्रेट को निदेशक का पद देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कॉलेज कैडर में कुल टीचिंग स्टाफ करीब 2500 है जबकि स्कूल कैडर में संख्या 20 हजार से अधिक है।

26 की बैठक के बहिष्कार का फैसला
राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान और प्रधान प्रेस सचिव कैलाश ठाकुर ने कहा कि 26 दिसंबर को उच्च शिक्षा निदेशक द्वारा बुलाई गई बैठक का उनका संघ बहिष्कार करेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान निदेशक द्वारा शिक्षा और शिक्षक हितों के प्रति अपनाए गए उदासीन व्यवहार के चलते संघ ने यह फैसला लिया है।
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