सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षकों की नई भर्ती होने की प्रक्रिया शुरू होने के डर से करीब 450 हड़ताली कंप्यूटर शिक्षक स्कूलों में लौट आए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक ने बीते दिनों कंप्यूटर विषय का पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए कंपनी को वैकल्पिक व्यवस्था करने के आदेश दिए थे।
इन आदेशों के जारी के बाद चार जुलाई से जारी कंप्यूटर शिक्षकों की हड़ताल में फूट पड़ गई। करीब 450 शिक्षकों ने हड़ताल छोड़ स्कूलों में जाना बेहतर समझा। प्रदेश के 1452 स्कूलो में 1100 शिक्षक नियुक्त थे। उधर, कंप्यूटर शिक्षक संघ का क्रमिक अनशन शुक्रवार को भी जारी रहा।
संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर विषय पढ़ाने के लिए सरकार ने नाइलेट कंपनी को काम आउटसोर्स किया है। कंपनी के माध्यम से कंप्यूटर शिक्षकों की भर्ती की गई है।
चार जुलाई से कंप्यूटर शिक्षकों ने नाइलेट कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। शिक्षकों को शिक्षा विभाग में मर्ज करने और नाइलेट कंपनी को दी गई एक्सटेंशन को समाप्त करने की मांग को लेकर कंप्यूटर शिक्षकों ने हड़ताल शुरू की थी। बीते दिनों उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने कंपनी को पत्र लिखकर चेताया था।
कंपनी को पाठ्यक्रम पूरा करवाने के लिए हर स्कूल में जल्द एक-एक कंप्यूटर शिक्षक की नियुक्ति अस्थायी तौर पर करने को कहा था। इसी कड़ी में करीब 450 शिक्षक हड़ताल छोड़ कंपनी के अधीन काम करने स्कूलों में पहुंचे हैं। शीतकालीन छुट्टियों वाले स्कूलों में नवीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाएं हो चुकी हैं।
दसवीं से जमा दो कक्षा की परीक्षाएं ग्रीष्म कालीन छुट्टियों वाले स्कूलों के साथ मार्च में होनी हैं। उधर, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डा. बीएल बिंटा ने बताया है कि स्कूलों में प्राप्त हुई रिपोर्ट के मुताबिक 450 शिक्षक काम पर लौट आए हैं।