रिपोर्ट में सामने आया है कि व्यक्ति को हेपेटाइटिस-ई था।
आईजीएमसी में पीलिया से एक और व्यक्ति की मौत हो गई। रिपोर्ट में सामने आया है कि व्यक्ति को हेपेटाइटिस- ई था। तीन दिन से चिकित्सकों की निगरानी में उपचार चल रहा था। व्यक्ति की शुक्रवार को मेडिसन वार्ड में मौत हो गई। गुरबख्श सिंह की उम्र 60 थी। यह छोटा शिमला में रह रहा था।
मौत की पुष्टि आईजीएमसी की वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद ने की है। नौ मार्च को भी अस्पताल में कोटखाई और सिरमौर के पच्छाद के रहने वाली महिलाओं की पीलिया से मौत हो चुकी है। दोनों ही महिलाओं की उम्र 33 वर्ष थी।
उधर, विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक केवल ग्यारह ही लोगों की मौत पीलिया से हुई है। पीलिया का खौफ जारी है, अस्पतालों में पीलिया का टेस्ट करवाने पर लगभग दो से तीन लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है।
अस्पतालों में मुफ्त हो रहे टेस्ट- पीलिया के मुफ्त में होने वाले टेस्ट की अंतिम तारीख सोलह मार्च थी लेकिन स्वास्थ्य विभाग का कहना है मौजूदा समय में भी अस्पताल में यह टेस्ट मुफ्त में हो रहे हैं।
बीस से ज्यादा हो गया मौतों का आंकड़ा- दिसंबर 2015 से पीलिया से होने वाली मौतों का आंकड़ा बीस से भी ज्यादा हो गया है लेकिन स्वास्थ्य विभाग इसे साइट पर उपलब्ध नही करवा रहा है। पीलिया की चपेट में शहर के लगभग पांच हजार से भी ज्यादा लोग आ चुके हैं।
हाईकोर्ट को पीलिया मौतों का दिया डाटा- स्वास्थ्य निदेशक डीएस गुरंग ने बताया कि पीलिया से हुई मौतों को सीएमओ से डाटा मांगा गया है, जबकि पीजीआई से डीएचएस ने रिकार्ड मांगा है। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट को दस मौतों का आंकड़ा उन्होंने बता दिया है।
पीलिया पीड़ितों का देंगे आंकड़ा- स्टेट सर्विलेंस ऑफिसर डॉ. राकेश रोशन भारद्वाज ने बताया कि पीलिया के सोलन तथा शिमला के रोजाना आंकड़ों की जानकारी दे सकते हैं। पीलिया से हुई मौत की जानकारी डायरेक्ट हेल्थ सर्विस (डीएचएस) से ले सकते हैं।