प्रदेश के थाना क्षेत्र नादौन के अंतर्गत रविवार को धौलासिद्ध प्रोजेक्ट साइट में पानी में डूबे दो मजदूरों के शव मंगलवार को 48 घंटे बाद मिल गए हैं। मंगलवार सुबह जसूर से निरीक्षक अनिल कुमार की अगुवाई में आई एनडीआरएफ की टीम ने ब्यास नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया।
हिमाचल प्रदेश के थाना क्षेत्र नादौन के अंतर्गत रविवार को धौलासिद्ध प्रोजेक्ट साइट में पानी में डूबे दो मजदूरों के शव मंगलवार को 48 घंटे बाद मिल गए हैं। मंगलवार सुबह जसूर से निरीक्षक अनिल कुमार की अगुवाई में आई एनडीआरएफ की टीम ने ब्यास नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान टीम ने दोनों मजदूरों के शव ढूंढने में सफलता हासिल की। मृतकों की पहचान रमेश चंद (41) पुत्र मूलाराम निवासी गांव खदर, सलूणी (चंबा) और घनश्याम (43) पुत्र नरेश कुमार निवासी सलूणी, गांव सरड के तौर पर हुई है। दोनों मजदूर रविवार दोपहर बाद कपड़े धोने के लिए प्रोजेक्ट के चेकडैम से करीब डेढ़ सौ मीटर आगे गए थे। यहां काफी मात्रा में पानी ठहरा हुआ है।
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पानी में एक चट्टान पर जब यह कपड़े धो रहे थे तो अचानक एक का पैर फिसला और वह पानी में डूब गया। दूसरे ने जब उसे बचाने के लिए शोर मचाया तो उसका भी पैर फिसला और वह भी पानी में गिर गया। शोर सुनकर जब अन्य लोग रस्सी आदि साथ लेकर घटनास्थल तक पहुंचे तो काफी देर हो चुकी थी। वहीं, प्रोजेक्ट प्रबंधन के खिलाफ सीटू यूनियन ने भी अपना पक्ष रखा और मजदूरों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग की। उधर, थाना प्रभारी योगराज चंदेल ने बताया कि धौलासिद्ध प्रोजेक्ट साइट में डूबे दोनों मजदूरों के शव बरामद कर लिए गए हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।