हिमाचल प्रदेश सरकार ने आखिरकार नगर निगम शिमला में प्रशासक की तैनाती कर दी। उपायुक्त शिमला आदित्य नेगी को नगर निगम प्रशासक की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। सरकार की ओर से बुधवार शाम इस संबंध में अधिसूचना जारी की गई। भाजपा शासित नगर निगम का कार्यकाल 18 जून 2022 को पूरा हो गया था। इसके बाद चुनाव करवाने की तैयारी थी। सरकार ने शहर में वार्डों का पुनर्सीमांकन करते हुए 34 की जगह 41 वार्ड बनाए लेकिन नाभा और समरहिल वार्ड के पुनर्सीमांकन का मामला कोर्ट तक पहुंच गया। इसके चलते चुनाव आयोग ने नगर निगम शिमला के चुनाव नहीं करवाए।
चुनाव नहीं होने पर पहले ही प्रशासक की तैनाती को लेकर कयास लगाए जा रहे थे लेकिन सरकार ने चार माह तक इस पद पर किसी को तैनात नहीं किया। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सरकार ने उपायुक्त शिमला को ही इस पद पर तैनाती दे दी। नगर निगम एक्ट के अनुसार अब सदन में लिए जाने वाले फैसले प्रशासक अपने स्तर पर ले सकेगा। 1980 के बाद जब से नगर निगम के चुनाव शुरू हुए हैं, पहली बार प्रशासक की तैनाती यहां की जा रही है। इससे पहले अंग्रेजी शासनकाल में ही प्रशासक तैनात होता था।
शहर में नहीं अटकेंगे निर्माण कार्य
शहर में 10 लाख रुपये तक के निर्माण कार्य मंजूर करने की शक्तियां नगर निगम आयुक्त के पास हैं। इससे अधिक के बजट वाले काम सदन पास करता था। अब सदन नहीं होने पर प्रशासक से इसकी मंजूरी ली जाएगी।
विस चुनाव के बाद होंगे नगर निगम चुनाव
नगर निगम चुनाव अब विधानसभा के बाद ही होंगे। दिसंबर में नगर निगम को बिना सदन के छह माह हो जाएंगे। लेकिन इस दौरान प्रदेश में विधानसभा चुनाव होंगे। ऐसे में दिसंबर के बाद या अगले साल नगर निगम के चुनाव हो सकते हैं।