महिला आयोग शुरू करेगा कानून और आत्मरक्षा की पाठशाला, न्याय पाने के लिए दी जाएगी अधिकारों की जानकारी हमला होने पर खुद की रक्षा करने के दिए जाएंगे टिप्स संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल की बेटियां अब डर कर नहीं, शरारती तत्वों का डटकर मुकाबला करेंगी। इन्हें मजबूत बनाएगा राज्य महिला आयोग।
राज्य महिला आयोग महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बड़ा अभियान शुरू करने जा रहा है। आयोग प्रदेशभर में कानून और आत्मरक्षा की पाठशाला शुरू करेगा। इसका मकसद हर महिला को उसके संवैधानिक अधिकारों की पूरी जानकारी देना और मुश्किल हालात में खुद की रक्षा करने के काबिल बनाना होगा। राज्य महिला आयोग इस अभियान को अकेले नहीं चलाएगा। इसमें हिमाचल में महिला सशक्तीकरण के लिए काम कर रही स्वयंसेवी संस्थाओं, एनजीओ और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर गांव-गांव तक पहुंच बनाई जाएगी। इसके लिए आयोग ने प्लान तैयार कर लिया है।
यह अभियान जल्द शुरू होना और इसके तहत विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। आयोग की ओर से स्कूल, कॉलेज और पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इन आयोजनों में दो बड़े पहलुओं पर जोर दिया जाएगा। पहला कानून का पाठ जिसमें महिलाओं को घरेलू हिंसा अधिनियम, दहेज प्रतिषेध कानून, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम कानून, पॉक्सो एक्ट और एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया बताई जाएगी।
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दूसरा आत्मरक्षा का अभ्यास जिसमें ट्रेनर की मदद से बेटियों को सेल्फ डिफेंस की बेसिक तकनीक सिखाई जाएंगी। इन्हें हमले की स्थिति में खुद को कैसे बचाना है, आसपास की चीजों को हथियार कैसे बनाना है और खतरे को भांपकर तुरंत रिएक्ट कैसे करना है, इसकी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें कराटे का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
कोट
राज्य में महिलाओं और बेटियों को सशक्त बनाने के लिए आयोग हर संभव प्रयास कर रहा है। आयोग ने प्रदेश भर में ग्रामीण और शहरी सभी स्थानों पर बेटियों और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्लान तैयार कर रहा है। इसके अंतर्गत हर महिला और बच्ची तक पहुंच बनाई जाएगी। आयोग आचार संहिता हटने के बाद जिला वार इस अभियान को शुरू करेगा। -विद्यानेगी, हिमाचल प्रदेश महिला आयोग