दिवाली से जुड़ा एक खतरा ऐसा है जो हर साल शहर के सिर पर मंडराता है। दिवाली की पहचान पटाखों का कारोबार अनचाहे ही शहर को बारूद के ढेर पर ला बिठाता है।
हर साल इस बार भी हिल्स क्वीन रोशनी और खुशियों में नहाने की तैयारी में है। बाजारों में रौनक है तो मोहल्लों में रात के सन्नाटे में किसी पटाखे का धमाका बता देता है कि दिवाली नजदीक है।
हादसे न हों इसके लिए प्रशासन नियमों की सूची जारी करने की बात कर रहा है। लेकिन अब देखना यह होगा कि आबादी के बीच में कितने बारूद के ढेर लगते हैं।
शहर की सबसे अधिक घनी आबादी वाले लोअर बाजार में कई सालों से पटाखों के गोदाम चलाए जा रहे हैं। दिवाली के आसपास इन गोदामों में कई क्विंटल बारूद का स्टॉक रहता है।
इतना ही नहीं यहां कुछ दुकानदार बिना लाइसेंस के पटाखे भी बेचते नजर आते हैं। इसकी इजाजत प्रशासन नहीं देता लेकिन जुगाड़ तंत्र से सब चल रहा है। पूछने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पाता।
आबादी के बीच बने इस गोदाम के आसपास एक छोटी सी चिंगारी घातक हो सकती है। इसी तरह शहर के विभिन्न हिस्सों में पटाखों के गोदाम आबादी वाले इलाकों में बनाए हैं।