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बर्फबारी से पहले शहर से हटेंगे खतरनाक पेड़

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ट्री कमेटी खतरनाक पेड़ों का निरीक्षण करते हुए - फोटो : 3
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शिमला। राजधानी में घरों के ऊपर खतरा बने पेड़ों से शहरवासियों को बर्फबारी से पहले राहत मिल सकती है। इसके लिए मेयर सत्या कौंडल की अध्यक्षता वाली ट्री अथॉरिटी कमेटी ने वार्डों का दौरा कर खतरनाक पेड़ों को चिह्नित करने की मुहिम शुरू कर दी है।
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खतरनाक पेड़ों को कटवाने के लिए वन विभाग के पास शहरभर से करीब 250 आवेदन आए हैं। सोमवार को पहले दिन मेयर की अगुवाई में कमेटी ने रुल्दूभट्ठा, कैथू और अनाडेल वार्ड में जाकर निरीक्षण किया। इस दौरान डीएफओ शिमला अनिता भारद्वाज, पार्षद सदस्य सुनील धर भी मौजूद रहे। कमेटी ने कुल 51 पेड़ों का निरीक्षण किया है। इनमें नौ पेड़ सही हालत में पाए गए हैं। इन्हें काटने के आवेदन को रद्द कर दिया गया है। बाकी बचे 42 पेड़ों में दो ढहे पेड़ हटाए जाएंगे। 25 सूखे पेड़, चार हरे पेड़ काटने के लिए चिह्नित किए गए हैं। इसके अलावा पांच पेड़ों की शाखाएं काटने की अनुमति दी जाएगी।
इन्हें काटने की अंतिम मंजूरी सब कमेटी से ली जाएगी। मेयर सत्या कौंडल का कहना है कि बर्फबारी के सीजन से पहले सभी आवेदनों का निरीक्षण किया जाएगा। अब बुधवार को फिर से कमेटी फील्ड में उतरेगी और निरीक्षण करेगी। सारे आवेदनों पर निरीक्षण पूरा होने के बाद इसकी रिपोर्ट सब कमेटी को भेजी जाएगी। कमेटी दिसंबर में बैठक कर इन्हें मंजूरी दे सकती है।
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लक्कड़ बाजार से रिज तक लगने वाली लिफ्ट के लिए कटेंगे 6 पेड़
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत लक्कड़ बाजार बसस्टैंड से रिज तक लगने वाली लिफ्ट के निर्माण के आड़े आ रहे छह पेड़ भी काटे जाएंगे। ट्री कमेटी ने इनका भी निरीक्षण कर लिया है। विकासात्मक कार्यों में बाधा बने इन पेड़ों को काटने के लिए अब सब कमेटी से मंजूरी ली जाएगी। हाल ही में कमेटी की बैठक हुई है जिसमें धंसते रिज को बचाने के लिए पेड़ काटने को भी मंजूरी मिलने की सूचना है।
हर साल खतरनाक पेड़ जनता पर ढा रहे कहर
शहर में हर साल खतरनाक पेड़ बर्फबारी और बरसात के मौसम में कहर बनकर टूट रहे हैं। बीते विंटर सीजन और मानसून सीजन के दौरान शहर में एक दर्जन से अधिक गाड़ियां पेड़ ढहने से चकनाचूर हो चुकी हैं। शहर में कई जगह घरों पर भी पेड़ ढह गए थे। भराड़ी, कसुम्पटी, कैथू, विकासनगर में कई पेड़ घरों पर ढह गए थे।
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