अभी तक दलाईलामा ने सांग्ये को पीएम बनने पर बधाई तक नहीं दी है।
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निर्वासित तिब्बत सरकार के चुनाव के दौरान तिब्बती परंपराओं के विपरीत नकारात्मक प्रचार से नाराज धर्मगुरु दलाईलामा ने 27 अप्रैल को दूसरी बार प्रधानमंत्री बने डॉ. लोबसंग सांग्ये को माफ नहीं किया है। दलाईलामा दफ्तर के पुख्ता सूत्रों के अनुसार सांग्ये को दूसरी बार प्रधानमंत्री बने पांच दिन हो गए हैं लेकिन अभी तक दलाईलामा ने सांग्ये को पीएम बनने पर बधाई तक नहीं दी है।
जबकि, वर्ष 2011 में दलाईलामा ने बाकायदा समारोह में सांग्ये को प्रधानमंत्री बनने पर बधाई के साथ सरकार चलाने के लिए शुभकामनाएं दी थीं। सूत्रों के अनुसार सांग्ये कई दिन से दलाईलामा से मुलाकात के लिए वक्त मांग रहे हैं लेकिन धर्मगुरु के दफ्तर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया है। दरअसल, निर्वासित तिब्बत सरकार के चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों लोबसंग सांग्ये और पेंपा सेरिंग ने कथित रूप से तिब्बती परंपराओं के विपरीत नकारात्मक प्रचार किया था।
दलाईलामा इससे बेहद नाराज थे। तर्क था कि इससे दुनिया भर में तिब्बती समुदाय की एकता खंडित हो जाएगी। नाराज दलाईलामा ने निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री, स्पीकर नेताओं और अफसरों को अपनी अगवानी करने के लिए साफ मना कर दिया था। निर्देशों के चलते निर्वासित सरकार अभी तक दलाईलामा की अगवानी करने नहीं जा रही है।
दलाईलामा हमारे अभिभावक : सांग्ये
अमर उजाला से प्रधानमंत्री लोबसंग सांग्ये ने कहा कि चुनाव में धार्मिक लहजे से कुछ गलतियां हुई हैं। इसका हमें अफसोस है। इससे तिब्बती समुदाय की एकता को हल्की क्षति हुई है। हमने धर्मगुरु दलाईलामा से माफी मांगी है। इस कार्यकाल में तिब्बती समुदाय की एकता पर बल दिया जाएगा। धर्मगुरु दलाईलामा हमारे अभिभावक हैं। मैं उनकी नीतियों से इतर एक इंच भी नहीं जा सकता हूं।